पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। सम्राट चौधरी को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। इसके साथ ही अब यह तय हो गया है कि वह राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
पटना में आयोजित बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक में यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में मौजूद सभी विधायकों ने एक स्वर में सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगाई। इस घोषणा के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और कई जगहों पर जश्न का माहौल बन गया।
नीतीश के इस्तीफे के बाद बदली सियासी तस्वीर
इस राजनीतिक घटनाक्रम से पहले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद बिहार की राजनीति में तेज़ी से बदलाव हुआ। अब एनडीए के नेतृत्व में नई सरकार का गठन होने जा रहा है, जिसमें बीजेपी ने अपने प्रमुख चेहरे सम्राट चौधरी को आगे कर बड़ा दांव खेला है।
तेजस्वी के तंज के बीच फैसला
इस फैसले से पहले तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए उन्हें ‘लालू की पाठशाला’ का छात्र बताया था। इसके बावजूद बीजेपी ने उन्हें नेता चुनकर यह संकेत दिया है कि पार्टी बिहार की राजनीति में नए समीकरण के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
शपथ ग्रहण की तैयारी तेज
राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सूत्रों के अनुसार, सम्राट चौधरी के साथ एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के नेता भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। जातीय समीकरण साधने की रणनीति राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाकर बीजेपी ने बिहार के जातीय और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है, जिसका असर आगामी चुनावी राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
