सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां चलने की सूचना

 सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां चलने की सूचना

झारखंड(न्यूज़ क्राइम24): लोहरदगा जिले के सेरेंगदाग थाना क्षेत्र के चपाल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की सूचना मिल रही है. कहा जा रहा है कि लोहरदगा में नक्सली अभियान के दौरान दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चली हैं. हालांकि अबतक किसी भी पक्ष से हताहत होने की सूचना नहीं मिली है. माओवादियों को घेरने को लेकर पुलिस ने सर्च अभियान तेज कर दिया है. माओवादियों के दस्ते के क्षेत्र में सक्रिय होने की सूचना पर सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल की टीम छापामारी अभियान चला रही है. जिला पुलिस बल के कई बड़े अधिकारी और सीआरपीएफ के अधिकारी छापेमारी टीम में शामिल हैं.

लोहरदगा जिले के सुदूरवर्ती नक्सली इलाके में शनिवार को भाकपा माओवादी नक्सली संगठन और पुलिस-सीआरपीएफ के बीच मुठभेड़ हुई. दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलने की सूचना है. पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर रखा है. कहा जा रहा है कि पुलिस की घेराबंदी में नक्सली घिर चुके हैं. रात होने की वजह से फिलहाल पुलिस अभियान नहीं चला पा रही है. भाकपा माओवादी के 15 लाख के इनामी रीजनल कमांडर रविंद्र गंझू के हथियारबंद दस्ता के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई है.

आईईडी के खतरे को लेकर पुलिस सतर्क :

लोहरदगा जिले के सुदूरवर्ती सेरेंगदाग थाना क्षेत्र के दुंदरु-चपाल और गुमला जिले के सीमावर्ती इलाके में नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई है. इस इलाके में नक्सलियों ने कई बार पुलिस को निशाना बनाने के लिए आईईडी को हथियार बनाया है. आईईडी की चपेट में आकर मासूम ग्रामीण भी शिकार बन चुके हैं. यही कारण है कि पुलिस और सीआरपीएफ 158 बटालियन की टीम रात के अंधेरी में अभियान नहीं चला रही है. पुलिस को संदेह है कि नक्सली क्षेत्र में पुलिस के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं. पुलिस सतर्कता पूर्वक हर एक कदम बढ़ा रही है. पुलिस की घेराबंदी की वजह से भाकपा माओवादी के हार्डकोर नक्सली रविंद्र गंझू का दस्ता क्षेत्र में फंस कर रह गया है. हाल के समय में पुलिस और सीआरपीएफ के अभियान से माओवादी नक्सली संगठन को तगड़ा झटका लगा है.पिछले कुछ दिनों से सुरक्षाबलों में पूरे झारखंड में नक्सली अभियान तेज कर दिया जिससे नक्सलियों में हताशा है. हालांकि, पूरे मामले में पुलिस के वरीय पदाधिकारी भी कुछ भी कहने से बच रहे हैं. रविवार को पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी. भाकपा माओवादी का यह हथियारबंद दस्ता क्षेत्र के लिए लगातार चुनौती बन रहा है. पुलिस की ओर से सतर्कता बरतते हुए अभियान को जारी रखा गया है. पुलिस और सीआरपीएफ की टीम चारों ओर से नक्सलियों को घेरने में जुटी हुई है. पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ के दौरान हुई गोलाबारी की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी थी.

न्यूज़ क्राइम 24 संवाददाता

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