पटना, सुनील कुमार : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में सहयोग हेल्पलाइन 1100 और सहयोग पोर्टल http://sahyog.bihar.gov.in का रिमोट के जरिए लोकार्पण किया।

नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु:
- पंचायत स्तर पर शिविर: हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगेगा। लोग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन दे सकेंगे।
- 30 दिन की डेडलाइन: हर आवेदन का निपटारा 30 दिनों के अंदर करना अनिवार्य होगा। निपटारे का अनुपालन सहयोग पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
- ऑटोमैटिक सस्पेंशन: अगर 30 दिन में अधिकारी ने आदेश पारित नहीं किया, फाइल अटकाई या लापरवाही की तो 31वें दिन वह स्वतः निलंबित हो जाएंगे। पोर्टल पर ही सस्पेंशन का फॉर्मेट जेनरेट हो जाएगा।
- रियल टाइम मॉनिटरिंग: जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक इसकी रियल टाइम मॉनिटरिंग करेंगे। CMO में डैशबोर्ड बनाया गया है। अधिकारी रोस्टर बनाकर कम से कम 5 पंचायतों में जाकर मामलों की जांच करेंगे।
- CCTV निगरानी: सभी प्रखंड, अंचल और थानों में CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं।
CM ने कहा, “जब तक लोगों के आवेदन आने बंद नहीं होंगे तब तक यह सहयोग शिविर चलता रहेगा। इसका मूल मकसद लोगों की समस्याओं का यथाशीघ्र निष्पादन करना है।”
उन्होंने कहा कि अब आवेदन का निपटारा समयबद्ध होगा। जमीन, कचरा प्रबंधन, पुलिस और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का 30 दिन में समाधान करना होगा। सरकारी जमीन पर लंबे समय से बसे लोगों का भी ब्योरा रखा जाएगा।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री श्रवण कुमार, दिलीप जायसवाल, नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, DGP विनय कुमार समेत सभी विभागों के वरीय अधिकारी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंत्री, DM, SP जुड़े रहे।
