अररिया, रंजीत ठाकुर। सात निश्चय 3.0 के तहत संचालित “सबका सम्मान–जीवन आसान” कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को समाहरणालय स्थित परमान सभागार में जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे लोगों की समस्याओं की सुनवाई की गई। कुल 37 मामलों पर सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनता दरबार में भूमि विवाद, अतिक्रमण, जमाबंदी सुधार, दाखिल-खारिज, प्रधानमंत्री आवास योजना, मतदाता सूची में नाम जोड़ने एवं हटाने, आधार कार्ड में त्रुटि सुधार, आंगनबाड़ी सेविका चयन तथा गलत आधार आईडी बनाने सहित विभिन्न समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं।
डीएम ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार जांच कर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनता दरबार आम लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है, जहां नागरिक सीधे जिला प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायतें रख सकते हैं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को मामलों का नियमित अनुश्रवण कर निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया।
जनता दरबार में कई महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई हुई। दीपक कुमार मंडल ने विद्यालय की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की, जबकि अमर पासवान ने बंदोबस्त की जमीन की नापी कराकर दखल-कब्जा दिलाने का अनुरोध किया। वहीं मोहम्मद एनुअल ने भूमि अभिलेखों में कथित फर्जीवाड़ा कर जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा मोहम्मद सफीक रंगरेज ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने एवं नाम हटाए जाने से संबंधित आवेदन दिया। अंश बेगम और सहेगा बेगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। प्रियंका कुमारी ने आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका चयन प्रक्रिया को लेकर शिकायत दर्ज कराई।
जनता दरबार में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।संचालित “सबका सम्मान–जीवन आसान” कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को समाहरणालय स्थित परमान सभागार में जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे लोगों की समस्याओं की सुनवाई की गई। कुल 37 मामलों पर सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में भूमि विवाद, अतिक्रमण, जमाबंदी सुधार, दाखिल-खारिज, प्रधानमंत्री आवास योजना, मतदाता सूची में नाम जोड़ने एवं हटाने, आधार कार्ड में त्रुटि सुधार, आंगनबाड़ी सेविका चयन तथा गलत आधार आईडी बनाने सहित विभिन्न समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं।
डीएम ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार जांच कर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनता दरबार आम लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है, जहां नागरिक सीधे जिला प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायतें रख सकते हैं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को मामलों का नियमित अनुश्रवण कर निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया।
जनता दरबार में कई महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई हुई। दीपक कुमार मंडल ने विद्यालय की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की, जबकि अमर पासवान ने बंदोबस्त की जमीन की नापी कराकर दखल-कब्जा दिलाने का अनुरोध किया। वहीं मोहम्मद एनुअल ने भूमि अभिलेखों में कथित फर्जीवाड़ा कर जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा मोहम्मद सफीक रंगरेज ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने एवं नाम हटाए जाने से संबंधित आवेदन दिया। अंश बेगम और सहेगा बेगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। प्रियंका कुमारी ने आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका चयन प्रक्रिया को लेकर शिकायत दर्ज कराई। जनता दरबार में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
