पश्चिम बंगाल में 24 मई तक राष्ट्रपति शासन घोषित न किए करेंगे आत्मदाह : परमहंस आचार्य

अयोध्या: पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं की हत्या व लूट की घटना को लेकर श्रीराम की नगरी अयोध्या में भी संतों के बीच काफी आक्रोश है। वहां की हिंसा पर जगतगुरु परमहंस आचार्य बहुत दुखी हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की और कहा कि अगर 24 मई तक नहीं लगाया जाता है तो वे आत्मदाह कर लेंगे. वे 8 मई को पूर्वाह्न 11 बजे चिता पूजन करेंगे। कहाकि यदि 24 मई तक पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन नहीं लगा तो 25 मई को दोपहर 12 बजे दिन में आत्मदाह करेंगे। परमहंस ने कहाकि पश्चिम बंगाल में पुलिस की मौजूदगी में जब केंद्रीय मंत्री के काफिले पर हमला हो रहा है। तो वहां आम जनता के ऊपर कितना अत्याचार हो रहा होगा, कल्पना कर सकते हैं. उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे जिस तरह से पश्चिम बंगाल में लोगों में भय का माहौल पैदा करने के लिए जगह-जगह पर लोगों का घर जलवा रही हैं। बहन-बेटियों के साथ बलात्कार करवा रही हैं, निर्दोषों की हत्या करवा रही हैं, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगाा। दोषियों के ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। पीड़ितों को सहायता दी जाए और घुसपैठिए और रोहिंग्या मुसलमानों को बाहर किया जाए. कहाकि रोहिंग्या मुसलमान आतंकवादी जैसे नरभक्षी होते हैं। इनके द्वारा पश्चिम बंगाल में जो भय का माहौल पैदा किया गया है। इनकी बड़ी तेजी से जनसंख्या बढ़ रही है। इन्हें तत्काल केन्द्र सरकार भारत से बाहर करे.

कहा कि जिन लोगों की हत्या हुई है। प्रत्येक परिवार को एक करोड़ रुपए एवं सरकारी नौकरी दी जाए। जिनका घर जलाया गया है, उनको घर बनवा कर दिया जाए।परमहंस ने ऐलान किया कि यदि मांग पूरी नहीं होती है। तो 25 मई को दोपहर 12 बजे खुद से चिता में आग लगाकर के दुनिया को अलविदा कहेंगे।
परमहंस ने कहा निर्दोष जनता की हो रही बेरहमी से हत्या, पूर्व में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के काफिले पर हमला और अब केंद्रीय मंत्री के काफिले पर हमला, ये सब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं करवा रही हैं।
कहा कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प नहीं है। उन्होंने मांग किया कि वहां दोबारा चुनाव तब करायें, जब वहां से घुसपैठिए और रोहिंग्या मुसलमानों की नेशनलिटी खत्म हो जाय और उन्हें भारत से बाहर कर दिया जाय।