हरनौत, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहारशरीफ व्यवहार न्यायालय से शनिवार को आए एक अहम फैसले ने तकरिबन छः साल पुराने चर्चित सीआरपीएफ हत्याकांड में न्याय की मुहर लगा दी।एक
अभियुक्त को दोषी पाते हुए कठोर दंड दिया है। अदालत के फैसले के बाद कोर्ट परिसर में हलचल रही और सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई थी।घर से पटना जा रहे सीआरपीएफ जवान के साथ हुई लूट व हत्या के मामले में शामिल आरोपित को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। सिविल कोर्ट के जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-08) आठ रणविजय कुमार ने हरनौत थाना क्षेत्र के जोरारपुर गांव निवासी बबलू कुमार उर्फ बबलू यादव को दोषी पाया है।
मामले में अभियोजन की ओर से सात लोगों ने गवाही दी थी। एपीपी स्नेह लता सुजल के अनुसार 23 जुलाई 2021 की सुबह चार बजे पटना जिला के सकसोहरा निवासी सीआरपीएफ जवान सोनू कुमार अपने बाइक से पटना जा रहे थे। जैसे ही वे रास्ते में हरनौत थाना क्षेत्र के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय के पास पहुंचे, पहले से घात लगाए बाइक सवार तीन अपराधियों ने पिस्तौल का भय दिखाकर उसे रोक लिया और उनसे मोबाइल छीन लिया। इसके बाद जवान आगे बढ़ा, तो पीछे से आरोपित ने गोली चला दी। गोली उनके पीठ में लगी। इसके बाद सभी आरोपित भाग गए।आसपास के लोगों द्वारा उसे इलाज के लिए हरनौत भेजा गया।
जहां से बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच पटना रेफर किया गया था । बाद में इलाज के दौरान दस के बाद सीआरपीएफ जवान सोनू की मौत हो गई।इलाज के दौरान सीआरपीएफ जवान की मौत के बाद मामला हत्या में तब्दील हो गया साथ ही जख्मी सीआरपीएफ जवान सोनू का पीएमसीएच में पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।अनुसंधान के दौरान पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार किया। जहां उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पिस्तौल को पुलिस में बरामद किया था।जिसको लेकर स
जिला जज ने हत्या के मामले में
शनिवार को बब्लू यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त छह माह की सजा भुगतनी होगी।
