पटना में कोविड मरीजों को खाना पहुंचाने में जुटे हैं बिहारी छात्र संसद के वालंटियर 

फुलवारीशरीफ(अजित यादव): बिहार की राजधानी पटना में कोरोना के दौरान कई लोग मरीजों के लिए मसीहा बनकर सामने आए हैं। कोई लोगों को फ्री में ऑक्सिजन दे रहा है तो कोई उनके घर तक खाना पहुंचा रहा है। उन्हीं में से एक बिहार छात्र संसद हैं जो अपनी वॉलिंटियर के साथ मिलकर पटना में कोविड मरीजों को खाना पहुंचाने का काम कर रही हैं। इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों को भी भोजन पैकेट उपलब्ध कराते हैं । बिहार छात्र संसद को खाना बना कर देने का काम पटना के प्रतिष्ठित वीमेंस कॉलेज में फिजिक्स की हेड अपराजिता कृष्णा  के साथ उनकी बेटी कृतिका रम्या कर रही है, वह भी एक प्राइवेट कॉलेज में प्रोफेसर है। इसके साथ शालिनी कम उम्र में भी समाज क लिए कुछ करने की ललक से उन्होंने भी खाना बना कर हमें दे रही हैं, साथ ही साथ ओआरएस पैकेट कोविड संक्रमित मरीजों के लिए दिया जा रहा  है.

कोरोना संक्रमित लोगों के लिए खाना एक बड़ी समस्या होती है। ऐसे में बिहार छात्र संसद ने पटना में 3 सप्ताह पहले 100 कोविड मरीजों के लिए खाना बनना शुरू किया। खाना बनने के बाद  उसे पैक  करके लोगों के घर तक वह खाना वितरण  होता है।  सोनू राज लगातार ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे  है। बिहार छात्र संसद के संस्थापक अंकित  ने कहा कि कई लोग सोशल मीडिया का यूज नहीं करते हैं। हम उनके पास दूसरे माध्यमों के जरिए पहुंचने की कोशिश करते हैं। ताकि जरूरतमंद लोगों की मदद हो। वहीं, सोनू राज के नेतृत्व में  लोगों तक खाना पहुंचाते हैं। इन लोगों का ज्यादा फोकस वैसे लोगों पर रहता है, जिनके बच्चे घर में अकेले रहते हैं। अंकित ने कहा कि हमारे पास काफी वॉलिंटियर हैं। हमलोग कई लोगों से खाना कलेक्ट करते हैं। हमलोग पटना में हर जगह कॉन्टैक्टलेस डिलीवरी करते हैं। छात्रः नेता सोनी तिवारी का कहना है कि हम सब को आगे आ कर समाज के लिए जो भी बन परे करना चाहिए इस महामारी में हमे एक दूसरे का साथ और विश्वास की बहुत जरूरत है ।हम सब दिन रात देश की सेवा में लगे हुए हैंl इस पूरे काम में मुख्य रूप से अभिषेक, रोहित, परम, सुमन, उत्कर्ष, राहुल, सीमा, मनीष, मुकेश, नवाज, शिशिर, योगेश सामिल है।