बिहार

श्री श्याम मंदिर में तीन दिवसीय गोपी गीत कथा का शुभारंभ, भक्त हुए मंत्रमुग्ध

पटनासिटी, (न्यूज़ क्राइम 24) श्री पुरुषोत्तम मास अनुष्ठान के अवसर पर श्री श्याम मंदिर, पटना सिटी के प्रांगण में तीन दिवसीय गोपी गीत कथा का शुभारंभ शास्त्रोपाषक आचार्य डॉ. चंद्रभूषण मिश्रा द्वारा किया गया। कथा के प्रथम दिवस आचार्य श्री ने गोपी गीत के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह श्रीमद्भागवत महापुराण का अत्यंत भावपूर्ण एवं दिव्य प्रसंग है। उन्होंने बताया कि महारास के दौरान जब गोपियों के मन में अहंकार उत्पन्न हुआ, तब उनका मान भंग करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण अंतर्ध्यान हो गए। वियोग की उस चरम अवस्था में गोपियों ने श्रीकृष्ण के गुणों, लीलाओं और उनकी मनमोहक मुस्कान का स्मरण करते हुए यह स्तुति गाई, जिसे गोपी गीत के नाम से जाना जाता है। आचार्य श्री ने कहा कि गोपी गीत के कुल 19 श्लोक हैं, जो शुद्ध प्रेम, समर्पण और भक्ति का प्रतीक हैं। यह कोई साधारण प्रेम-प्रलाप नहीं, बल्कि जीवात्मा की परमात्मा से मिलन की उत्कट पुकार है।

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उन्होंने बताया कि गोपी गीत को कृष्ण भक्ति का सर्वोत्तम स्रोत माना गया है तथा इसके श्रवण मात्र से मन में भक्ति भाव जागृत हो जाता है। कथा के दौरान आचार्य श्री ने गोपी गीत के आध्यात्मिक एवं व्यावहारिक लाभों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इसके नियमित पाठ से मन का स्वार्थ और अहंकार दूर होता है तथा भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में निष्काम एवं निर्मल प्रेम का संचार होता है। कथा सुनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। गोपी गीत की भावपूर्ण व्याख्या सुनकर भक्तगण मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में दिलीप डीडवानिया, प्रदीप जैन, मनीष हरलालका, राहुल अग्रवाल, रेणु डीडवानिया, सुनीता हरलालका, पिंकी जैन, स्वाति अग्रवाल, श्याम सखी की सदस्याएं, श्री श्याम सेना एवं श्री श्याम सेवक परिवार के सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।

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