नई दिल्ली, न्यूज़ क्राइम 24। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात वीडियो संदेश जारी कर देश के युवाओं और अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में तैयार मसौदा शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में चर्चा के लिए पेश किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है, बल्कि यह लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा बेहद संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीनों में सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता छात्रों का एक साल बर्बाद होने से बचाना था। इसी उद्देश्य से कम समय में 22 लाख छात्रों की दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई और 19 जुलाई को परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिए गए। उन्होंने कहा कि देशभर से सफल छात्रों की खुशी की खबरें मिल रही हैं, लेकिन सरकार केवल इसी पर संतुष्ट नहीं है।
उन्होंने बताया कि उनके निर्देश पर संबंधित विभागों ने देर रात तक काम कर पेपर लीक रोकने के लिए नया मसौदा तैयार किया है। प्रस्तावित कानून में फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से त्वरित सुनवाई और दोषियों के लिए कठोर सजा का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कैबिनेट में साथियों के सुझावों के बाद मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में इस विधेयक को जल्द से जल्द सदन में पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
