फुलवारीशरिफ, अजीत। गोपालपुर थाना क्षेत्र के छत्रपति शिवाजी ग्रीन्स अपार्टमेंट के ए-1/601 फ्लैट की कथित फर्जी रजिस्ट्री मामले में बिल्डर अजीत आजाद, कान्तेश रंजन उर्फ पिंकु समेत आठ अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने से अपार्टमेंट के वैध खरीदारों में खुशी और संतोष का माहौल है।
गोपालपुर थाना कांड संख्या 134/25 में पटना सदर-2 के डीएसपी रंजन कुमार के निर्देश पर अनुसंधानकर्ता नंदकिशोर सिंह ने 12 अगस्त 2026 को व्यवहार न्यायालय पटना में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी लतिक भारती की अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया।
चार्जशीट में कथित फर्जी विक्रेता कान्तेश रंजन उर्फ पिंकु, बिल्डर अजीत आजाद, मानब सिंह, राजीव ठाकुर, चार्टर्ड अकाउंटेंट सरोज ठाकुर, मैनेजर कमलेश कुमार मिश्रा, सी ब्लॉक निवासी प्रियंका सिंह तथा राजेंद्र नगर, महामुद्दीचक निवासी अनिल कुमार यादव को अभियुक्त बनाया गया है।
पुलिस अनुसंधान के अनुसार, फ्लैट के वास्तविक मालिक नागेश्वर सिंह स्वराज के बिहार से बाहर रहने के दौरान उनकी संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों में कथित फर्जीवाड़ा किया गया. आरोप है कि उनके करीब 100 वर्षीय और अस्वस्थ पिता सुखदेव सिंह की स्थिति का भी कथित तौर पर फायदा उठाया गया. पुलिस के मुताबिक, कान्तेश रंजन उर्फ पिंकु को कथित रूप से संपत्ति का मालिक दर्शाकर ए-1/601 फ्लैट मंजू देवी के नाम बेच दिया गया।
वैध खरीदारों को न्याय की उम्मीद-
चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी मिलने के बाद अपार्टमेंट के वैध खरीदारों में संतोष है. खरीदारों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई से उनके वैध संपत्ति अधिकारों की रक्षा की उम्मीद मजबूत हुई है. उनका कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
दो अभियुक्तों की जमानत खारिज-
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता सत्यप्रकाश नारायण ने बताया कि इसी मामले में कान्तेश रंजन उर्फ पिंकु और अनिल कुमार यादव की जमानत न्यायालय द्वारा खारिज की जा चुकी है. उन्होंने बताया कि ए-1/603 फ्लैट से जुड़े एक अन्य कथित फर्जीवाड़े के मामले में लाल नारायण सिंह, मैत्री सिंह और कान्तेश रंजन उर्फ पिंकु के खिलाफ न्यायालय द्वारा जमानती वारंट जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अधिवक्ता ने कहा कि आठ अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होना मामले में महत्वपूर्ण कानूनी पड़ाव है. अब न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
