उत्तरप्रदेश

एक्स आर्मी और एक्स सीआरपीएफ के जवान ने अपने खर्च से सड़क हादसे में घायल लोगों की करते है सेवा

बलिया, संजय कुमार तिवारी। खबर यूपी के बलिया से है जहां बलिया और बिहार के बक्सर के रहने वाले एक्स आर्मी मैन और एक्स सीआरपीएफ के जवान ने एक मुहिम चलाई है जहां बी वारियर नाम से एक ग्रुप चलाते है इस ग्रुप का उद्देश्य सड़क हादसों में घायल लोगों को अपनी महंगी गाड़ियों से अपने पैसे से जिला अस्पताल और लखनऊ से लेकर दिल्ली तक पहुंचाने का काम करते है। इतना ही नहीं जिसको ब्लड की जरूरत पड़ती है उसको ब्लड तक मुहैया कराई जाती है वही प्रिंस राय में बताया कि हम एक बी वारियर ग्रुप का सदस्य हूं देखिए इस गाड़ी का उद्देश्य है कि गांव देहात हो यह दुर्गम रास्ते हों या पहाड़ी एरिया हो या बलिया का गडहांचल का काली मिट्टी का एरिया हों जहां एंबुलेंस हो या आधुनिक गाडियां नही पहुंच पाती है

वहां के लिए इस गाड़ी को लाया गया है इस गाड़ी की कीमत लगभग 65 लाख रुपए बताई जा रही है बारिश मां मौसम हो या कीचड़ वाली जगह हो यह गाड़ी कही भी किसी भी हालत में जा सकती है तीन फीट से चार फीट तक पानी होने के बावजूद भी था गाड़ी निकल जाती है और हम लोगों का एक उद्देश्य है जन सेवा करना जानवर हों, कोई भी व्यक्ति हों, बी वारियर ग्रुप का उद्देश्य है नर सेवा और नारायण सेवा को लेकर आगे बढ़ाना इस पर गौ माता का भी हम लोगों ने रेस्क्यू किया है हम लोगों का दूसरा मुहिम है ब्लड डोनेट करना हम लोग किसी संस्था को ब्लड डोनेट नही करते है हम लोग डायरेक्ट मरीज को ब्लड डोनेट करते है पूरे भारत के कोने कोने में जाकर हम लोग ब्लड डोनेट करते है हमारे अध्यक्ष रंजन कुमार राय ने चेन्नई के बेलूर में बलिया और बिहार के बक्सर के लगभग 55 भर्ती मरीजों को यहां से लोगों को फ्लाइट से भेज कर 55 मरीजों को ब्लड डोनेट कराते है।यह कार्य हम लोग अपने निजी खर्च से करते है न किसी संस्था और न किसी व्यक्ति से लेने का काम करते है जो लोग मानव सेवा करना चाहते है वो हमारे ग्रुप से जुड़े।

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निःशुल्क निस्वार्थ सेवा करें हम लोग अपने जीवकोपार्जन के लिए कमाते है उसमे से 70% हम लोग सामाजिक सेवा के लिए खर्च करते है सदस्यों की संख्या तो काफी है जब यह गाड़ी निकलती है तो युवाओं का हुजूम निकल जाता है अभी तक जो कमेटी बनी है उसमे लगभग 65 लोग है और यह सक्रिय सदस्य है इनके माध्यम से हजारों की संख्या में टीम है और हम लोग सबका सहयोग लेकर आगे बढ़ रहे है इसको हम लोग 2022 से शुरू किए है 2020 में हमारा भी एक्सीडेंट हुआ था हम भी एक मुसाफिर की तरह कही गिरे पड़े थे और रात के 09 बजे के करीब लोगों ने हमारा रेस्क्यू किया था और ये प्रेरणा हम लोगों को वही से मिली और जो हमारे अध्यक्ष रंजन राय है उनके पिता भी सामाजिक कार्य से जुड़े हुए थे उन्होंने कहा कि आप नौकरी छोड़कर आइए और समाज सेवा करिए हम दोनों लोगों ने नौकरी छोड़ समाज सेवा में लग गए हम भी आर्मी में थे 21 पैरा स्पेशल में थे हम दोनो ने नौकरी छोड़कर आए और जो भी हम लोग दस रुपए कमा रहे है उसमे से सात रुपए सामाजिक कार्य में खर्च करें।हम लोग लगभग 150 लोगों का रेस्क्यू किया है जो हमारे रिकॉर्ड में है और लगभग ढाई सौ लोगों को ब्लड डोनेट कर चुके है अब धीरे धीरे शासन और प्रशासन से भी हम लोगों का सपोर्ट मिल रहा है।

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