अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज में लगाया गया कोरोना टीका कैंप

अररिया(रंजीत ठाकुर): अररिया जिला क्षेत्र में कोरोना महामारी को लेकर जहां लोगों में भय व्याप्त है। वहीं स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा नित दिन लोगों की जान बचाने को लेकर टीकाकरण अभियान जोरों पर चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के नवाबगंज पंचायत स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फुलकाहा में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मो०रजी उद्दीन के अध्यक्षता में आज सोमवार 26 अप्रैल को क्षेत्र के लगभग-100 लोगों को कोरोना का पहला व दूसरा रोज का वैक्सीनेशन किया गया। इस अभियान में एएनएम- शारदा चौरसिया, शकुंतला रानी,रूना दीदी, आशा दीदी-फूलो दास। परिचारक- एजाज अहमद, शंभू प्रसाद यादव,जरनेटर ऑपरेटर- मनीष कुमार मल्लिक, ने अपने जान का परवाह किए बगैर लोगों का वैक्सीनेशन करने में सक्रिय दिखे।

टीका लगवाने आए लोगों ने क्या कहा जानिए:-

क्या कहते हैं ग्रामीण चिकित्सक डॉक्टर कफील अहमद:-

इस बाबत ग्रामीण चिकित्सक ने बताया कि यह टीका सभी लोगों को लगाना चाहिए टीका लगाने से किसी प्रकार का डर नहीं होना चाहिए, टीका से शरीर का इम्यूनिटी पावर बढ़ता है ,और कोरोना महामारी से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है। इसलिए सभी को टीका लगाना चाहिए। मैं आज टीका का दूसरा डोज ले चुका हूं। आप लोगों भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, टीका लगवायें और कोरोना संक्रमण को हरावें, यही मेरा आप सबों से अपील है।

क्या कहते हैं पूर्व सरपंच नवाबगंज नारायण प्रशैला:-
इस बाबत श्री प्रशैला ने बताया कि टीका लगाने से कोरोना जैसे महामारी से बचा जा सकता है, इसलिए पंचायत के सभी लोगों से मेरा अपील है कि निडर होकर टीका जरूर लगावे। ताकि महामारी से लड़ा जा सके।

स्वास्थ्य केंद्र पर क्या-क्या कमी है जानिए:-
अस्पताल में मरीजों का बैठने की व्यवस्था नहीं है। कुर्सियां टूटा पड़ा है, पुराना भवन जर्जर स्थिति में है, लाखों की लागत से बनाए जा रहे नए भवन लगभग 10 वर्षों से अधूरा पड़ा है। यहां तक की स्वास्थ्य कर्मी को भी कुर्सी के अभाव में खड़े रहने पड़ते हैं। अस्पताल में ना तो मास्क, सेनीटाइजर, साबुन, इत्यादि जरूरी उपकरण की भी व्यवस्था नहीं है। उपस्थित प्रभारी एवं कर्मियों ने अपने सूझबूझ से यहां आए मरीजों का देखभाल तो करते हैं, लेकिन सरकारी व्यवस्था से कोसों दूर है। जबकि अस्पताल के चारों तरफ की आबादी लगभग लाखों की है लेकिन इस अस्पताल की तस्वीर व तकदीर अब तक नहीं बदल पाया है।अस्पताल निर्माण के लगभग 71 वर्ष पूरे हो चुके हैं लेकिन किसी ने अस्पताल के तरफ देखने का हिमाकत नहीं किया। अस्पताल की दशा भगवान भरोसे है। इतनी बड़ी आबादी में इस अस्पताल को एक एंबुलेंस की भी व्यवस्था नहीं है। विकास के नाम पर यहां की जनता को ठगने का काम किया जा रहा है। कितने स्वास्थ्य मंत्री बदल गए, विधायक बदल गए, सांसद बदल गए, लेकिन इस अस्पताल का तस्वीर नहीं बदल पाया। अधूरे पड़े लाखों के भवन के संबंध में संवाददाता के द्वारा कई बार पदाधिकारी को अवगत कराते हुए समाचार प्रकाशन भी किया गया, लेकिन किसी पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। ऐसा लगता है कि, इस खेल में कई बड़े लोग शामिल हैं।

क्या कहते हैं चिकित्सा पदाधिकारी नरपतगंज, रूपेश कुमार:-
इस बाबत पूछे जाने पर चिकित्सा पदाधिकारी नरपतगंज ने बताया की कुर्सियां टूटी हुई है जानकारी मिला है अकाउंटेंट को बोले हैं खरीदने के लिए।
अकाउंटेंट ने बताया कि कुर्सियां प्रभारी सर ही खरीदेंगे, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। जब ऐसा व्यवस्था हो स्वास्थ्य विभाग का तो कैसे स्वास्थ्य सेवा सुधर सकता है। यह तो इस इलाके के लोगों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बात साबित हो रहा है। सरकार के द्वारा स्वास्थ व शिक्षा पर किए जा रहे खर्च सब बेकार साबित किए जा रहे हैं। ऐसा लगता है इस विभाग पर निगरानी करने वाला कोई पदाधिकारी नहीं है। अगर ग्रामीण चिकित्सक नहीं हो तो, लोग छोटे-छोटे बीमारी में ही अपना दम तोड़ देंगे। आज क्षेत्र के लोग ग्रामीण चिकित्सक के भरोसे जी रहे हैं।