बिहार

शहरी इलाकों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देख बढ़ायी गयी सतर्कता

अररिया(रंजीत ठाकुर): जिले का शहरी इलाका कोरोना संक्रमण के लिहाजा से हॉटस्पॉट जोन में तब्दील हो चुका है। अररिया व फारबिसगंज के शहरी इलाकों में ही संक्रमण के कुल 541 एक्टिव मामले हैं। जो जिले में कुल एक्टिव मामलों के 64.79 फीसदी के करीब है। इसमें फारबिसगंज में संक्रमितों की संख्या 317 है। अररिया में फिलहाल कोरोना संक्रमण के 224 एक्टिव मामले हैं। बहरहाल जिले में कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 835 है। बीते 24 घंटे के दौरान जिले में संक्रमण के 80 नये मामले सामने आये हैं। इधर देश भर में संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण बड़ी संख्या में प्रवासियों के गृह जिला पहुंचने का सिलसिला निरंतर जारी है। आने वाले दिनों में प्रवासियों को लेकर कुछ विशेष ट्रेन के अररिया पहुंचने की संभावना है। राज्य स्वास्थ्य समिति से बाहरी राज्यों से लौटने वाले प्रवासियों के ठहराव के लिये क्वारेंटाइन सेंटर के संचालन का निर्देश प्राप्त है। इसे लेकर जिलाधिकारी प्रशांत कुमार सीएच के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य विभाग जरूरी तैयारियों में जुटा है।

अमूमन जिले के सभी प्रखंडों में हैं कोरोना के मामले

जिले के सभी नौ प्रखंडों कोरोना संक्रमण की चपेट में हैं। इसमें अररिया व फारबिसगंज अत्यधिक प्रभावित क्षेत्र है। जहां संक्रमण के आधे से अधिक मरीज हैं। अररिया में फिलहाल एक्टिव मरीजों की संख्या 224 है। फारबिसगंज प्रखंड में संक्रमण के सर्वाधिक 317 मामले हैं। इसके अलावा भरगामा प्रखंड में 69, रानीगंज में 61, जोकीहाट में 38, पलासी प्रखंड में 16, सिकटी में 12, कुर्साकांटा में 32 व नरपतगंज प्रखंड में कोरोना संक्रमण के 66 एक्टिव मामले हैं।

क्वारेंटाइन सेंटर के संचालन के लिये जगह चिह्नित

आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में प्रवासियों के गृह जिला पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर क्वारेंटाइन सेंटर के संचालन को लेकर तीन स्थलों का चयन किया गया है। इसमें महात्मा गांधी प्लस टू उच्च विद्यालय अररिया आरएस, आंबेड़कर आवासीय विद्यालय फारबिसगंज व मध्य विद्यालय जोगबनी का नाम शामिल है। जानकारी देते हुए डीपीएम रेहान अशरफ ने बताया जिलाधिकारी के माध्यम से हर हाल में प्रवासियों की जांच सुनिश्चित कराने का आदेश है। ऐसे में रेलवे स्टेशन व बस पड़ावों पर खासतौर पर जांच कैंप संचालित किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया प्रवासियों की जांच के बाद संक्रमित पाये जाने व रोग संबंधी लक्षण दिखने पर उन्हें तत्काल आइसोलेशन सेंटर पर भर्ती कराया जायेगा। रिपोर्ट में संक्रमित पाये जाने वाले वैसे व्यक्ति जिनमें रोग संबंधी कोई लक्षण नहीं दिखता हो। उन्हें होम आइसोलेशन में रहने की अनुमति होगी। रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद सभी प्रवासियों को अगले सात से दस दिनों तक होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जायेगी।

एक साथ 320 लोगों को आइसोलेट करने का है इंतजाम

कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारी का हवाला देते हुए सिविल सर्जन डॉ एमपी गुप्ता ने कहा किसी आपात स्थिति से निपटने लिये एक हजार लोगों को आइसोलेशन में रखने के लिये जगह चिह्नित हैं। इसमें फिलहाल 320 काम कर रहे हैं । फारबिसगंज के डाइट सेंटर पर संचालित डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर में एक साथ 150 लोगों को आइसोलेशन में रखने का इंतजाम है। फारबिसगंज में एएनएम स्कूल में संचालित कोविड केयर सेंटर पर 100 लोगों के आइसोलेशन में रखने का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा भरगामा सीएचसी में 30, पलासी सीएचसी में 30 व अररिया सदर अस्पताल 10 लोगों के आइसोलेशन में रखने का इंतजाम है। सिविल सर्जन ने बताया वैसे लोग जिनकी रिपोर्ट निगेटिव है लेकिन उनमें रोग संबंधी लक्षण दिखता हो ऐसे लोगों के लिये अलग से 10 बेड क्षमता वाला आइसोलेशन सेंटर को चिह्नित किया गया है।

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