सीमावर्ती क्षेत्र में बेरोकटोक संचालित है कोचिंग, अधिकारी नहीं आते हैं जांच करने

अररिया(रंजीत ठाकुर): सीमावर्ती क्षेत्रों में लोकडॉन के वावजूद दर्जनों स्थानों पर बेरोकटोक कोचिंग का संचालन किया जा रहा है । सोमवार को भंगही पंचायत के मध्य विद्यालय भोड़हर के समीप सक्सेस पॉइंट नामक कोचिंग का संचालन करते देखा गया जहाँ पर पचास से अधिक छात्र छात्रा पढ़ रहे थे । कैमरे की नजर में आते ही कोचिंग संचालक ने छात्र छात्राओं को समय से पूर्व ही छुट्टी कर दिया । वही कोचिंग संचालक सरोज कुमार से पूछे जाने पर कहा कि इस क्षेत्र में आधे दर्जन से अधिक कोचिंग का संचालन किया जा रहा है सभी कोचिंग संचालक नरपतगंज के बीइओ से सहमति प्राप्त कर ही कोचिंग का संचालन कर रहे है जिसके एवज में उन्हें मासिक रूप से भुगतना भी किया जाता है । सर्वाधिक हास्यपद यह है कि कॉर्डिनेटर जितेंद्र राय का घर इस कोचिंग से महज 500 गज कि दूरी पर है लेकिन उन्होंने भी कभी इसकी शिकायत शिक्षा विभाग से नही किया यह भी अपने आप में एक सवाल खड़ा करता है । वहीं इस क्षेत्र में संचालित अधिकांश कोचिंग के संचालक सरकारी शिक्षक है वे अपने परिजनों के आड़ में कोचिंग का संचालन किया करते है ।वहीं शिक्षा विभाग के कोई भी अधिकारी जाँच के लिए नही आते है जिसका लाभ कोचिंग संचालक
उठा रहे है.

वही ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना जिस तेजी से फैल रहा है अगर बच्चो तक पहुँच गया तो उसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ेगा. इस बाबत प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरपतगंज से मोबाइल से संपर्क करना चाहा लेकिन फोन नहीं उठाए है. जिला शिक्षा पदाधिकारी अररिया से इस संबंध में बात करने पर उन्होंने बताया कि कोचिंग सेंटर का फोटो खींचकर हमें भेजें कार्यवाही होगी। शिक्षा विभाग का यह है आलम। अब देखते हैं जांच कर कार्यवाही होती है, या फिर लीपापोती होकर रह जाता है।