बिहार

आपात परिस्थितियों में जरूरतमंदों के लिये वरदान साबित हो रहा है जिले में संचालित ब्लड बैंक

अररिया(रंजीत ठाकुर): आपात परिस्थितियों में रक्त का एक कतरा भी लोगों की जान बचाने में बेहद मददगार साबित होता है। सही समय पर रक्त की कमी अगर पूरी न की जा सके तो इससे जिंदगी की डोर को टूटते ज्यादा वक्त नहीं लगता। आम लोगों को इन्हीं मुश्किल परिस्थितियों बसे निजात दिलाने में सदर अस्पताल परिसर में संचालित ब्लड बैंक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आम जिलावासियों के लिये ब्लड बैंक सुरक्षा कवच की भूमिका निभा रहा है। ब्लड बैंक के माध्यम से अब तक 161 यूनिट ब्लड जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया गया है। यानि अब तक 161 लोग इससे लाभान्वित हो चुके हैं।

अब तक संग्रह किया गया है 193 यूनिट ब्लड :

जिले में ब्लड बैंक का संचालन गांधी जयंती के मौके पर बीते 02 अक्टूबर से शुरू हुआ। लैब टेक्नीशियन मो अबरार ने बताया कि ब्लड बैंक द्वारा विभिन्न स्थानों पर आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप व विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रयास से 193 यूनिट ब्लड का संग्रह किया गया है। इसमें 161 यूनिट ब्लड जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जा चुका है। इसमें 64 यूनिट ब्लड तो सिर्फ थैलेसीमिया के मरीजों को उपलब्ध कराया गया है। लगभग 12 यूनिट ब्लड विभिन्न निजी क्लिनिक में इलाजरत मरीजों को उपलब्ध कराये जाने की जानकारी है। वहीं शेष यूनिट ब्लड ऑपरेशन, एनीमिया के जटिल रोगियों का उपलब्ध कराये जाने की जानकारी उन्होंने दी।

थैलेसीमिया मरीजों के वरदान साबित हो रहा ब्लड बैंक :

जिले में थैलेसीमिया के 22 नोटिफाइड मरीज हैं। जिन्हें हर महीने ब्लड चढ़ाने की जरूरत होती है। इसके अलावा दुर्घटना के गंभीर मामले, प्रसव संबंधी जटिल मामलों के साथ-साथ एनीमिया के गंभीर मरीज को भी समय पर रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित कराना ब्लड बैंक की प्राथमिकताओं में शुमार रहा है। ब्लड बैंक से जिले में संचालित तमाम सरकारी व निजी अस्पतालों की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। पहले अक्सर खून की कमी की वजह से कई प्रसूताओं को अपनी जान गंवानी पड़ती थी। लेकिन ब्लड बैंक के क्रियाशील होने आम लोगों को बड़ी राहत मिली है।

निजी अस्पतालों को ब्लड के लिए देना होता है शुल्क :

ब्लड बैंक के नोडल अधिकारी सह सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ राजेंद्र कुमार ने बताया कि ब्लड बैंक के माध्यम से सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पताल में इलाजरत मरीजों को भी ब्लड मुहैया करायी जा रही है। 300 यूनिट क्षमता वाले ब्लड बैंक से अब तक 12 यूनिट ब्लड निजी अस्तपालों को दिया गया है। निजी अस्पताल को निर्धारित शर्त पर ब्लड मुहैया कराने का प्रावधान है। निजी अस्पताल में इलाजरत मरीज के लिये ब्लड का डिमांड करने पर पहले उसे आवश्यक ब्लड की तुलना में उतना ही यूनिट ब्लड बैंक को डोनेट करना होता है। साथ ही 500 रुपये का निर्धारित शुल्क भी अदा करना होता है। सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों को सिर्फ ब्लड डोनेट करना होता है। उनसे किसी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जाता। उन्होंने बताया कि गंभीर रोग से पीड़ित मरीज, बुजुर्ग, असहाय, प्रसव के जटिल मामले व दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल मरीजों को बिना शर्त ब्लड उपलब्ध करा कर उनका जान बचाने का प्रयास किया जाता है। आम जिलावासियों से अपील करते हुए डॉ राजेंद्र कुमार ने कहा कि जिलेवासी बढ़-चढ़ ब्लड डोनेशन के लिये आगे आयें। ताकि बैंक के माध्यम से जरूरतमंदों को समय पर ब्लड उपलब्ध करायी जा सके। बैंक में हमेशा सभी समूह के रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिये भी रक्तदान विशेष महत्व रखता है ।

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अभी बैंक में उपलब्ध हैं 34 यूनिट ब्लड –

-ए पॉजेटिव – 07 यूनिट
-ए प्लस – 02 यूनिट
-बी प्लस – 13 यूनिट
-ओ पॉजिटिव – 12 यूनिट

रक्त दान के हैं कई फायदे :

90 फीसदी कम हो सकता दिल का दौरा पड़ने का खतरा

  • ब्लड प्रेशर रहता है नार्मल
    -अच्छा व मजबूत बनता है लिवर
    -ब्लड कैंसर का खतरा होता है कम
    -ब्लड डोनेट करने से दिल को मिलता है सुकून

कौन कर सकते हैं रक्तदान –

-18 से 55 साल उम्र के तमाम लोग
-जिनका वजन कम से कम 50 किलो है
-हर व्यक्ति तीन महीने में कर सकता है एक बार रक्तदान

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