फुलवारीशरीफ, अजीत। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना के द्वितीय दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक उत्कृष्टता का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला जहां सैकड़ों विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं और 27 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया. समारोह विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत और समर्पण का उत्सव बन गया. इस अवसर पर विभिन्न उच्च स्तरीय चिकित्सा पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं. डीएम और एमसीएच के 24, एमडी, एमएस और एमडीएस के 75 तथा पीडीएफ और पीडीसीसी के 9 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई. इसके अलावा एमबीबीएस बैच 2018 के 58 और बैच 2019 के 50 विद्यार्थियों ने भी अपनी पढ़ाई पूरी कर डिग्री हासिल की. नर्सिंग क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई जहां एमएससी नर्सिंग के 15, बीएससी नर्सिंग बैच 2020 के 50 और बैच 2021 के 58 विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और डिग्री प्रदान की गई।
समारोह में उपस्थित अभिभावकों के लिए यह गर्व और भावुक क्षण रहा जब उनके बच्चों को सम्मानित किया गया। स्वर्ण पदक के लिए कुल 17 मेधावी विद्यार्थियों का चयन किया गया जिन्हें राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन ने अपने हाथों से सम्मानित किया. इसके अतिरिक्त एमएससी नर्सिंग के 10 विद्यार्थियों को संस्थान अध्यक्ष द्वारा स्वर्ण पदक प्रदान किया गया. इस प्रकार कुल 27 छात्रों को गोल्ड मेडल से नवाजा गया जो संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता और उत्कृष्टता का प्रमाण है. समारोह में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि एम्स पटना लगातार देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों में अपनी जगह बना रहा है और यहां से निकलने वाले डॉक्टर स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेंगे. कार्यक्रम में संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी और अभिभावकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली जिसने इस आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
