सीता नवमी पर यज्ञ अनुष्ठान पूजा और उपवास कार्यक्रम संपन्न

गया: बिहार जनक नंदिनी माता सीता कल के दिन ही बिहार के सीतामढ़ी जिला के पुनौरा धाम में मिथिला नरेश जनक जी द्वारा धरती पर हल चलाने के क्रम में प्रकट हुई थींl इन्हें मां लक्ष्मी का अवतार माना गया हैl सीता मां धैर्य और समर्पण की देवी मानी गई हैंl इसलिए बिहार विशेषकर मिथिला में सीता नवमी के अवसर पर सुहागिन स्त्री पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और कुंवारी कन्या मनोवांछित वर पाने के लिए यह व्रत रखती हैं. गया में भी सीता नवमी के अवसर पर यज्ञ अनुष्ठान पूजन और उपवास का आयोजन किया गया हैl बिहार के लिए यह एक महत्वपूर्ण दिवस है। बिहार सरकार ने भी इस दिवस पर सरकारी छुट्टी दे रखी है l एक तरफ जहां पूरे राष्ट्र में रामनवमी का त्यौहार धूमधाम से मनाया जाता है वही सीता नवमी पर अधिकांश लोग मां सीता को भूले बिसरे रहते हैं l सीता मां मिथिला की पुत्री और रामायण में आदर्श पत्नी और मां के रूप में प्रख्यात हैंl सीता के बिना राम की परिकल्पना अधूरी मानी जाती है l भजन कीर्तन भी हम लोग सीताराम ही जपते हैं l इसलिए जरुरी ये है कि रामनवमी के साथ साथ सीता नवमी के महत्व को समझते हुए इसे जरूर मनाया जाए।