वृद्ध की मौत के बाद जमकर हंगामा!

फारबिसगंज(चंदन कुमार): शुक्रवार की देर रात फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल में एक 55 वर्षीय वृद्ध की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। हंगामे को देखकर ऑन ड्यूटी चिकित्सक गायब हो गए। हंगामा कर रहे मृतक के परिजनों व अन्य लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर कई तरह के आरोप लगाये। परिजनों का आरोप था कि मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत थी मगर सिलेंडर खाली था। चिकित्सक नशे में धुत्त होने के कारण ही चिकित्सक भाग खड़े हुए। घटना की सूचना पर पहुंची डीएस डॉ रेशमा अली को घेरकर मृतक के परिजनों ने नाराजगी जताते हुए ऑन ड्यूटी चिकित्सक आशुतोष कुमार को बुलाने की मांग की जाती रही। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची। डीएस के समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ। मृतक भोला चौधरी खेरखां पंचायत के मधुबनी गांव का रहने वाला था। घटना के संबंध में मृतक के बेटे ललन चौधरी एवं नंदकिशोर चौधरी ने बताया कि उनके पिताजी की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल लाया गया लेकिन यहां देखने के लिए कोई चिकित्सक नहीं थे। थोड़ी देर के बाद पता चला कि अस्पताल के एक कमरे में चिकित्सक सोए हुए हैं । जब उनको जगाया तो वे नशे में थे। उन्हें यह भी पता नहीं था कि सुई कैसे दिया जाएगा और बीपी की जांच कैसे की जाएगी । इसके बाद उनसे बार-बार कहा जाता रहा कि मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत है लेकिन ऑक्सीजन चढ़ाने के लिए सिलेंडर जरूर लाया गया लेकिन वह सिलेंडर खाली था। शराब के नशे में धुत चिकित्सक ने अपनी हिफाजत सोचते हुए वहां से खिसक गए । काफी देर के जद्दोजहद के बाद उनके पिताजी की मौत हो गई । मौके पर मौजूद विक्रम जायसवाल, मनोज चौधरी, संतोष चौधरी, प्रिंस कुमार , निरंजन चौधरी, विपिन चौधरी, मनीष कुमार, प्रकाश चौधरी सहित बड़ी संख्या में लोगों ने कहा कि चिकित्सकों की लापरवाही के कारण ही भोला चौधरी की मौत हुई है। घटना को लेकर करीब 12 बजे रात से लेकर चार बजे सुबह हंगामा मचता रहा । इस दौरान थाना अध्यक्ष एनके यादवेन्दु पुलिस बल के साथ अस्पताल में जमे रहे एवं दोषी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देते रहे । घटना की सूचना पर जब अस्पताल की डीएस डॉ रेशमा रजा आई तो उन्हें भी परिजनों का आक्रोश झेलना पड़ा। बाद में समझाने बुझाने के बाद परिजन शांत हुए। मौके पर परिजनों ने थानाध्यक्ष के नाम एक आवेदन दिया जिसमें अस्पताल प्रबंधन को मौत का जिम्मेदार ठहराया गया एवं ऑक्सीजन नहीं चलाने के कारण अपने पिता की मौत सहित ऑन ड्यूटी चिकित्सक आशुतोष कुमार के नशे में धुत होने की बात कही गई। दोषी चिकित्सक पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई। डीएस ने कहा सिलेंडर में ऑक्सीजन था लेकिन आक्रोशित लोगों ने उसके कुछ पार्ट को तोड़ कर फेंक दिया। इस कारण ऑक्सीजन निकल गया। हालांकि सीएस डॉ. रूप नारायण ने मामले की जांच की बात कही है।