सोनू कुमार : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर अटूट आस्था, दिव्यता और देश की शाश्वत आत्मा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ अमृत पर्व केवल अतीत का उत्सव नहीं है बल्कि यह आने वाले एक हजार वर्षों तक देश की प्रेरणा बनेगा।
गुजरात में सोमनाथ अमृत महोत्सव को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ लोगों को यह याद दिलाता है कि कोई भी राष्ट्र तभी लंबे समय तक मजबूती से खड़ा रह सकता है जब वह अपनी जड़ों से जुड़ा रहे। उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत भारत को न तो झुका सकती और न ही दबा सकती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 11 मई 1998 को तीन परमाणु परीक्षण किए गए थे जिनके माध्यम से देश के वैज्ञानिकों ने भारत की क्षमताओं का प्रदर्शन पूरी दुनिया के सामने किया। उन्होंने कहा कि इन परीक्षणों ने यह दिखाया कि भारत की राजनीतिक इच्छा कितनी दृढ़ है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत आज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और इस प्रगति में सांस्कृतिक विरासत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक स्थल सदियों से देश की पहचान का प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के जरिए यह दिखाया कि भारत शान के साथ अपनी विरासत का संरक्षण करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर 1998 में किए गए परमाणु परीक्षण का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि पोखरण में इन परमाणु परीक्षण के जरिए भारतीय वैज्ञानिकों ने देश की क्षमता को पूरे विश्व में दिखाया।
श्री मोदी ने इस अवसर पर हमीर जी गोहिल और अहिल्लयाबाई होल्कर को भी याद किया जिन्होंने सोमनाथ की सेवा में अपना जीवन समर्पण किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अतीत में राजनीतिक विरोध का सामना करने के बावजूद भारत की संस्कृति और सांस्कृतिक चेतना लगातार आगे बढ़ी है। प्रधानमंत्री ने इस दौरान सोमनाथ अमृत पर्व पर एक विशेष डाक टिकट और 75 रूपये का विशेष सिक्का भी जारी किया।
