मिशन 30 हजार: सुनियोजित योजना व बेहतर प्रबंधन से होगा अभियान सफल: जिलाधिकारी

  • अभियान की सफलता को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक में डीएम ने दिये जरूरी निर्देश
  • हर सत्र पर प्रभारी पदाधिकारी होंगे बहाल, पांच सत्रों के लिये होंगे एक जोनल अधिकारी

अररिया(रंजीत ठाकुर): मिशन 30 हजार अभियान की सफलता को लेकर जिलाधिकारी प्रशांत कुमार सीएच ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें अभियान को लेकर तैयार विस्तृत कार्य योजना के मुताबिक अब तक संपन्न कार्यों की गहन समीक्षा की गयी। समीक्षा के उपरांत जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कई जरूरी दिशा निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा अभियान की सफलता के लिये सुनियोजित योजना व बेहतर प्रबंधन जरूरी है। डीमए ने कहा आरआई सत्र के क्षेत्रों को आपस में बांट कर उत्प्रेरक (मोबेलाइजर) बहाल किये जायें। संबंधित आशा कार्यकर्ता, सेविका व जीविका दीदियों को अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों को प्रेरित करने की जिम्मेदारी सौंपी जाये। ताकि रियल टाइम मॉनेटरिंग को दुरूस्त करते हुए किसी तरह की डुप्लिकेसी को रोका जा सके।

हर सत्र स्थल पर प्रभारी पदाधिकारी होंगे बहाल:

जिलाधिकारी ने कहा कि हर सत्र पर एक प्रभारी पदाधिकारी बहाल किये जायें। इसके लिये जिला शिक्षा पदाधिकारी को क्षेत्रवार सक्रिय व जुझारू शिक्षकों की सूची समर्पित करने का निर्देश दिया गया। जो अभियान के निर्धारित तिथि को सत्र स्थल पर टीकाकरण के लिये पहुंचने वाले लाभुकों का पूर्व से तैयार सूची से मिलान करेंगे। किसी लाभुक के सत्र पर नहीं पहुंचने की सूचना संबंधित क्षेत्र के मोबेलाइजर को देंगे। ताकि उनका भी टीकाकरण सुनिश्चित कराया जा सके। इतना ही नहीं उन्होंने पांच सत्र स्थलों के लिये एक जोनल अधिकारी बहाल करने का निर्देश दिया। प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को जोनल अधिकारी का जिम्मा सौंपे जाने की बात उन्होंने कही। डीएम ने कहा कि जोनल अधिकारी को सभी सत्र से संबंधित सूची उपलब्ध कराया जायेगा। अभियान के दौरान सत्र स्थल पर जाकर टीकाकृत लोगों का सूची से मिलान करेंगे। साथ ही टीकाकरण से वंचित सूची में शामिल लाभुकों का टीकाकरण सुनिश्चित कराने के लिये जरूरी पहल करेंगे। सभी पांचों सत्र के सफल संचालन की जिम्मेदारी जोनल पदाधिकारी पर होगी। जिलाधिकारी ने अभियान की सफलता को लेकर बीडीओ, एमओआईसी व सीडीपीओ की अगुआई में प्रखंड स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी के गठन का निर्देश दिया। जो अभियान के निर्धारित तिथि को संबंधित प्रखंड में संचालित तमाम गतिविधियों पर नजर बनाये रखेंगे।

नियंत्रण कक्ष के माध्यम से अद्यतन स्थिति पर रहेगी नजर:

अभियान के निर्धारित तिथि को जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष का संचालन किया जायेगा। जहां हर दो घंटे के बाद सत्र वार अभियान की उपलब्धि को संकलित कर इससे जिलाधिकारी को अवगत कराया जायेगा। डीएम ने जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को अभियान के दौरान एईएफआई से जुड़े मामलों से निपटने के लिये पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि अभियान के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिये सभी पीएचसी पर एक एंबुलेंस विशेष मेडिकल टीम के साथ तैनात रहेंगे। डीएम ने सत्र स्थलों पर निर्धारित लाभुकों के आधार पर पर्याप्त संख्या में टीका की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान अगर किसी सत्र स्थल पर टीका के कमी की समस्या उत्पन्न होती है। तो तुरंत वहां टीका की उपलब्धता तुरंत सुनिश्चित कराने का इंतजाम किया जाये।

जिले को 39 हजर टीका का डोज हुआ उपलब्ध:

जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान की सफलता को लेकर पर्याप्त मात्रा में टीका की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का हर संभव प्रयाय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीका की उपलब्धता को लेकर कोई संकट नहीं है। फिलहाल जिले को 39000 टीका का डोज उपलब्ध करा दिया गया है। शेष डोज भी बहुत जल्द उपलब्ध करा दिये जाने का भरोसा उन्होंने दिलाया। अभियान की सफलता को लेकर डीएम ने 18 जून से चयनित क्षेत्रों में विशेष प्रचार-प्रसार अभियान के संचालन का निर्देश दिया। डीएम ने कहा प्रचार-प्रसार के कार्य में प्रखंडवार आरबीएसके को उपलब्ध कराये गये वाहन को उपयोग में लाया जाये। अभियान की सफलता को लेकर जिला स्तर पर विशेष निगरानी टीम गठित किये जाने की बात डीएम ने कही। जो पूरी गतिविधियों पर अपनी नजर बनाये रखेगा। डीएम ने कहा कि आगामी शुक्रवार को सहयोगी संस्था के माध्यम से सभी मंदिर व मसजिदों में लोगों को टीकाकरण के लिये प्रेरित करने के उद्देश्य से माइकिंग कराया जाये। ताकि अभियान को हर स्तर पर सफल बनाया जा सके।