जदयू जिला सचिव ने खोला खनन माफियाओं के खिलाफ मोर्चा

अररिया(रंजीत ठाकुर): जहां एक ओर राज्य सरकार बाढ़ से पूर्व तैयारी व बाढ़ सुरक्षा हेतु करोड़ों रुपए खर्च कर रही है लगातार माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा राज्य के सभी जिला पदाधिकारी पुलिस अधीक्षक के साथ समीक्षा की जा रही है।वहीं अररिया जिला प्रशासन के पदाधिकारियों के द्वारा नदियों के तटबंध का भौतिक निरीक्षण किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर फारबिसगंज अनुमंडल क्षेत्र के दिपौल स्थित परमान नदी के तट बंध का स्थानीय भू माफियाओं के द्वारा नदी के बीचो-बीच अवैध खनन किया जा रहा है । इस घटना को लेकर हरकत में जदयू जिला सचिव नीतीश मेहता उन्होंने त्वरित घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया और संबंधित पदाधिकारी अनूप त्रिपाठी से संपर्क साध कर अवैध खनन हो रहे स्थलों की जानकारी दिया ।
साथ ही अंचल पदाधिकारी फारबिसगंज संजीव कुमार, थाना अध्यक्ष जोगबनी आफताब अहमद, ओपी अध्यक्ष बथनाहा भानु प्रताप सिंह, को भी इसकी जानकारी दी. जैसे ही खनन पदाधिकारी अनूप त्रिपाठी को इस खनन की जानकारी श्री मेहता के द्वारा प्राप्त हुई उसके चंद मिनटों बाद ही भू माफिया अपने-अपने वाहनों को लेकर यत्र तत्र हो गए?

सूचना पाने के 1 घंटे के बाद संजीव कुमार अंचल पदाधिकारी फारबिसगंज, घटनास्थल पर आते हैं और निरीक्षण कर कहते हैं कि खनन करते समय हम पकड़ेंगे तो कार्यवाही करेंगे।अंचल पदाधिकारी ने कहा

वीडियो हमारे मोबाइल पर भेज दीजिएगा हम देख लेंगे कैसे हम पकड़ लेंगे पोकलेन को नदी के साइड में लगा हुआ है हम नहीं देखे हैं कि खनन हो रहा है कि नहीं हो रहा पोकलेन और जेसीबी आप हमको दिखा रहे हैं, सचिव साहब इस बाबत पर जिला खनन पदाधिकारी अनूप त्रिपाठी ने कहा कि मेरा ब्लड प्रेशर बढ़ गया है और कार्रवाई होगा और हम को आने में थोड़ा सा टाइम लगेगा लेकिन कार्रवाई होगा ।
जदयू जिला सचिव नीतीश मेहता ने कहा कि फारबिसगंज अनुमंडल क्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्रों में परमान नदी बूढ़ी परमान नदी तत बंधु का अवैध खनन की बात लगातार सामने आ रही है, खनन पदाधिकारी के द्वारा इस क्षेत्र में लगातार छापेमारी की जा रही है। हाल में ही बथनाहा एसएसबी कैंप के पीछे बालू का खनन करते हुए एक पॉपलिन को जप्त किया गया है लेकिन सीमावर्ती क्षेत्र में अवैध खनन माफिया बेखौफ है आखिर किन का संरक्षण है इनको जिला सचिव ने अनुमंडल प्रशासन के अधिकारियों को कहा कि एक तो लोग वैश्विक महामारी करोना से पीड़ित है दूसरी तरफ नदियों का अवैध खनन से बाढ़ आने का न्योता दे रहे हैं कौन होगा इसका जिम्मेदार क्यों नहीं हो रही है कार्रवाई. आश्चर्य की बात है पदाधिकारियों को खबर देते ही खनन माफियाओं को खबर मिल जाता है, और खनन के स्थान से खनन करने की सामग्रियों को यत्र तत्र पहुंचा देता हैऔर पदाधिकारी कहते हैं कि हम कार्यवाही कैसे करें? आखिर कार्यवाही कब होगी किस पर होगी कैसे होगी ये सब बातें कौन बताए।