बिहार

रानीपुर की मां काली की नम आंखों से विदाई

पटनासिटी(न्यूज़ क्राइम 24 टीम): लगभग दो वर्षों के बाद एक बार फिर हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ रानीपुर की मां काली जी की प्रतिमा का विसर्जन हो गया. ढोल-नगाड़े और गाजे-बाजे के साथ मां की शोभायात्रा निकलना शुरू हुई, वैसे ही लोगों की भीड़ भी जुटना शुरू हो गया. श्रद्धालुगण मां की दर्शन के इतंजार में सड़क किनारे खड़े रहे. हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, बच्चे, युवक – युवतियों की भीड़ खड़ी देखने को मिली. रास्तों में मां की आरती हुई . इस बीच सड़क के दोनों ओर खड़ी महिलाओं ने पुष्पवर्षा कर माता को नम आंखों से विदाई दिए.

काली मां के पास जुटी रही भीड़-

मां काली जी में के पीछे-पीछे मूर्तियों की कतार वध हो कर भद्र घाट की ओर प्रस्थान हो रही थी . शोभायात्रा रानीपुर से प्रारंभ होकर सिटी के विभिन्न रास्तों से होता हुआ भद्र घाट पहुंचा, जहां मां काली की प्रतिमा का विसर्जन किया गया. वहीं महिलाओं की भीड़ माता काली से आशीर्वाद लेने के लिए प्रतिमाओं के पास जुटी रही. लोग जुलूस में उत्साह के साथ शामिल में हो आस्था और श्रद्धा के साथ विसर्जन जुलूस में शामिल हुए लोगों का उत्साह देखते बन रहा था. वहीं सुरक्षा व शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल के जवान तैनात रहे.

मां काली पूजा का बड़ा महत्व-

दुर्गा पूजा के साथ-साथ काली पूजा का भी बड़ा महत्त्व माना जाता है. लोगो का मानना है की माँ काली को शक्ति के रूप में पूजा की जाती है. माँ काली का पूजा करने वाले श्रद्धालुओं की माने तो माँ की पूजा से अकाल मृत्यु और अनेक बाधाये से मुक्ति मिलती है. सच्चे मन से माँ काली की पूजा करने वाले श्रद्धालुओं को माँ का आशीर्वाद मिलता है और सभी कष्टो से मुक्ति मिलती है।

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