श्रद्धेय रामविलास पासवान जी का जन्मजयन्ति मनाया गया

अररिया(रंजीत ठाकुर): अररिया जिला के ओमनगर स्थित सोमवार को लोकजनशक्ति पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे श्रद्धेय रामविलास पासवान जी का जन्मजयन्तिं दिवस मनाया गया, जिसमें उपस्थित लोक जनशक्ति पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तैल चित्र पर पुष्प माला पहनाकर एवं पुष्प अर्पित कर नमन किया। उक्त कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोजपा नेता चंद्रशेखर सिंह बब्बन ने कहा कि श्रद्धेय रामविलास पासवान जी खगड़िया जिला के शाहरबन्नी गांव में एक गरीब दलित परिवार में 5 जुलाई 1946 को पैदा हुए थे। वे 32 वर्ष में 11 बार लोकसभा चुनाव लड़े जिसमें 9 बार चुनाव जीते दो बार राज्यसभा के सदस्य भी मनोनीत किए गए , उनका सोच सदैव गरीब और दलित के उत्थान के प्रति रहा, भारतीय राजनीतिक पर उनकी गहरी पैठ थी जिसके बदौलत वे समय से पूर्व ही अनुमान लगा लेते थे कि आगे आने वाले समय में किस दल की सरकार बनेगी ? जिसके कारण उनके विरोधी लोग उनको मौसम वैज्ञानिक कह कर पुकारते थे, इनके इसी गुण के कारण वह देश के 6 प्रधानमंत्री के कार्यकाल में वे मंत्री रहे 5 जुलाई 1946 में जन्मे श्रद्धेय रामविलास पासवान का चयन पुलिस सेवा में हो गया था लेकिन उन्होंने सरकारी नौकरी करने के जगह पर समाज के उत्थान को प्राथमिकता दिया और पहली बार 1969 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए और वह जीवन पर्यंत पद पर रहे और 74 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया , उनके निधन से देश ने एक दूरदर्शी नेता को खो दिया उनकी गन्ना सर्वाधिक सक्रिय तथा सबसे लंबे समय तक जन सेवा करने वाले सांसदों के रूप में की जाती है । वह दलित एवं वंचित वर्गों की आवाज मुखर करने वाले और उपेक्षित लोगों के लिए सतत संघर्षरत रहने वाले जनसेवक थे.

स्वर्गीय राम विलास पासवान अपने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर राजनीतिक में ऊपर आए ।आज ऐसी महान विभूति को नमन कर उनके संघर्षरत जीवन , कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का अनुसरण कर ही इस समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है । इस कार्यक्रम के अवसर पर उपस्थित हुए कार्यकर्ताओं में मुख्य रूप से मयंक शेखर , मनीष सूर्यभारती , राशिद अंसारी , प्रियांक शेखर , आरफीन अंसारी , राजकुमार शर्मा , अभिषेक सिंह , राहुल ऋषभ , राजेश पासवान, अनिल श्रीवास्तव, गौतम कुमार, रणजीत पासवान, बल्लू कुमार, उदय प्रताप आदि उपस्थित थे।