पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) एम्स पटना इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन काउंसिल (APIIC) ने अपना पहला इग्निशन ग्रांट पिचिंग सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह पहल चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र में नए विचारों और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। APIIC को भारत सरकार के DST–NIDHI कार्यक्रम के तहत iTBI के रूप में मान्यता प्राप्त है।
15 नवंबर 2025 को जारी की गई इग्निशन ग्रांट कॉल को देशभर से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। इसमें डॉक्टरों, शोधकर्ताओं, स्टार्ट-अप्स और युवा नवाचारकर्ताओं से 200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए जो स्वास्थ्य और मेडिकल टेक्नोलॉजी से जुड़े थे। जांच प्रक्रिया के बाद 44 प्रस्तावों को विशेषज्ञों की समिति ने चयन के लिए शॉर्टलिस्ट किया।
4 से 6 फरवरी 2026 तक एम्स पटना में आयोजित पिचिंग सत्र में 35 से अधिक प्रतिभागियों ने अपने विचार सीधे तौर पर प्रस्तुत किए जबकि कुछ ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। विशेषज्ञों ने हर प्रस्तुति का मूल्यांकन किया और प्रतिभागियों को जरूरी सुझाव भी दिए।
यह कार्यक्रम कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस पहल में डॉ. क्रांति भावना और डॉ. अनिल कुमार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। APIIC की सीईओ डॉ. मौसमी साहा ने बताया कि संस्था का उद्देश्य नए और उपयोगी स्वास्थ्य समाधानों को आगे बढ़ाना है। विशेषज्ञों ने प्रस्तुत किए गए विचारों की गुणवत्ता और उपयोगिता की सराहना की और कहा कि ये स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं। गौरतलब है कि अपने पहले इग्निशन ग्रांट पिचिंग सत्र की सफलता के साथ APIIC ने स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
