फुलवारीशरीफ, अजित। एम्स पटना के आपातकालीन चिकित्सा विभाग की ओर से विश्व आपातकाल दिवस के अवसर पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को आपातकालीन परिस्थितियों के प्रति जागरूक करना, जीवनरक्षक कौशल को बढ़ावा देना तथा हीट स्ट्रोक से बचाव के प्रति जागरूकता फैलाना था।
कार्यक्रम में एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. प्रशांत कुमार सिंह तथा उपनिदेशक (प्रशासन) नीलोत्पल बल मौजूद रहे। इस अवसर पर दो दिवसीय बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट) एवं एसीएलएस (एडवांस्ड कार्डियक लाइफ सपोर्ट) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 20 स्वास्थ्यकर्मियों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी उपचार की तकनीकों की जानकारी दी गई।
आपातकालीन चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. दिवेंदु भूषण के नेतृत्व में ओपीडी फोयर क्षेत्र में हीट स्ट्रोक से बचाव को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया गया. इस दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय बताए गए तथा गमछा वितरण कर सावधानी बरतने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. डॉ. राजू अग्रवाल ने स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाने की सलाह दी. वहीं नीलोत्पल बल ने आपातकालीन परिस्थितियों में जागरूकता और तैयारी के महत्व पर जोर दिया। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. प्रशांत कुमार सिंह ने विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए लोगों से गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की अपील की. कार्यक्रम के माध्यम से एम्स पटना ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और सामुदायिक जागरूकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
