बिहार

कृषि अधिकारी ऑफिस में नहीं फील्ड में नजर आए : रामकृपाल यादव

फुलवारीशरीफ, अजीत। रबी मौसम में किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध हो, इसके लिए कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा की. बैठक में खाद की उपलब्धता, भंडारण, वितरण और आपूर्ति श्रृंखला की विस्तृत समीक्षा की गई.उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अब कृषि विभाग का कोई भी अधिकारी सिर्फ कार्यालय में बैठकर काम नहीं करेगा. सभी अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में रहकर किसानों से संवाद स्थापित करना होगा और जमीनी स्थिति की मॉनिटरिंग करनी होगी. साथ ही हर जिले से उर्वरक की दैनिक निगरानी रिपोर्ट अनिवार्य रूप से मांगी गई है।

कृषि मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसानों को “एक दिन भी खाद की कमी” नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार को मुख्यालय स्तर से विशेष उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वॉड) गठित करने का निर्देश दिया है. यह टीम सभी जिलों में औचक छापेमारी कर कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य वसूली करने वालों पर कार्रवाई करेगी।

मंत्री ने हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम को और अधिक सक्रिय रखने का भी आदेश दिया, ताकि किसानों की शिकायतों का तुरंत समाधान हो सके. उन्होंने दोहराया कि किसानों के हित से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और सरकार उनकी फसल सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बिहार के लिए तय की गई उर्वरक आवश्यकता के अनुरूप उपलब्धता सुनिश्चित है. 28 नवंबर तक राज्य में 3.34 लाख मे.टन यूरिया, 1.55 लाख मे.टन डीएपी, 2.37 लाख मे.टन एनपीके, 0.55 लाख मे.टन एमओपी और 1.12 लाख मे.टन एसएसपी उपलब्ध है. मंत्री के अनुसार वर्तमान में किसी भी जिले में खाद की कमी नहीं है।

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उर्वरक अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई करते हुए रबी 2025-26 में अब तक 12 प्रतिष्ठानों पर एफआईआर दर्ज की गई है और 41 प्रतिष्ठानों का लाइसेंस रद्द किया गया है. लगातार छापेमारी और निरीक्षण अभियान से बाजार में पारदर्शिता और नियंत्रित मूल्य व्यवस्था को मजबूती मिली है।

मंत्री ने निर्देश दिया कि जहां भी उर्वरक निगरानी समिति की बैठक लंबित है, वहां तुरंत बैठक आयोजित की जाए. प्रखंडवार उप-आवंटन आवश्यकता के अनुसार किया जाए और प्रतिष्ठानों में पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक तथा वास्तविक स्टॉक का अनिवार्य सत्यापन कराया जाए. अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में उर्वरक तस्करी रोकने के लिए सशस्त्र सीमा बल के साथ संयुक्त छापेमारी बढ़ाने का निर्देश दिया. मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर सतर्क है और उर्वरकों की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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