बिहार

भूसौला पोखर में युवक डूबा, शव नहीं मिलने पर भड़का गुस्सा

फुलवारीशरीफ, अजीत। पटना जिले के फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र स्थित भूसौला दानापुर के पोखर में डूबने से एक युवक की दर्दनाक मौत के बाद इलाके में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. मृतक की पहचान विक्रम थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव निवासी बीरेंद्र माझी, पिता जितेंद्र माझी, उम्र करीब 25 वर्ष के रूप में हुई है. वह अपने रिश्तेदारी में साहिल कुमार के तिलक समारोह में शामिल होने यहां आया था। बताया जाता है कि सोमवार देर रात करीब 10 बजे वह शौच के लिए घर से बाहर निकला और पोखर के किनारे चला गया. इसी दौरान पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया. घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय लोगों और परिजनों ने तुरंत खोजबीन शुरू की, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद रातभर शव का पता नहीं चल सका। सुबह तक शव बरामद नहीं होने पर परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. मृतक की पत्नी सरस्वती देवी और तीन छोटे-छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में मातम पसरा हुआ है और गांव में शोक की लहर है. ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य में सुस्ती बरती गई. समय पर गोताखोरों की टीम नहीं पहुंची, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता गया. स्थानीय लोगों ने बताया कि इस पोखर में अब तक सात से अधिक लोगों की डूबकर मौत हो चुकी है, इसके बावजूद न तो घेराबंदी की गई और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया। इसी के विरोध में गुस्साए ग्रामीणों ने एम्स गोलंबर के पास नेशनल हाईवे 139 को पूरी तरह जाम कर दिया।

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प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। जाम के कारण एम्स आने-जाने वाले मरीजों और एम्बुलेंस को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई गंभीर मरीज घंटों जाम में फंसे रहे. आक्रोशित लोगों ने लाठी-डंडे के साथ सड़क पर उतरकर हंगामा किया और कुछ जगहों पर राहगीरों के साथ मारपीट तथा वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फुलवारी शरीफ थाना, जानीपुर, नौबतपुर समेत आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी शव बरामदगी, उचित मुआवजा और पोखर की स्थायी घेराबंदी की मांग पर अड़े रहे। प्रशासन की ओर से गोताखोरों की टीम लगाने और जल्द शव निकालने का आश्वासन दिया गया है. बावजूद इसके इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात है. घटना ने एक बार फिर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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