पटना, अजित। पटना के मसौढ़ी थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हुए कुख्यात अपराधी मोहम्मद हैदर की इलाज के लिए अस्पताल-दर-अस्पताल भटकने के दौरान मौत हो गई. पुलिस के अनुसार शुक्रवार की देर शाम करीब 7:30 बजे मनीचक गांव में अपहृत युवक को छुड़ाने पहुंची पुलिस टीम और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में हैदर गंभीर रूप से घायल हो गया था. गोली लगने के बाद उसके साथी उसे बचाने के लिए पूरी रात एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल लेकर घूमते रहे, लेकिन करीब आठ घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार मुठभेड़ में घायल होने के बाद हैदर को उसके साथी सबसे पहले पुनपुन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे. वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे पीएमसीएच रेफर कर दिया. बताया जाता है कि पुलिस केस होने और गिरफ्तारी के डर से उसके साथी उसे पीएमसीएच में भर्ती कराने के बजाय कंकड़बाग के एक निजी अस्पताल लेकर चले गए. वहां से भी उसे आवश्यक उपचार नहीं मिल सका।
इसके बाद घायल अपराधी को बाईपास स्थित एक अन्य निजी अस्पताल ले जाया गया. हालत लगातार बिगड़ती रही और उसके साथी रात भर इलाज के लिए डॉक्टरों और अस्पतालों का चक्कर लगाते रहे. अंततः शनिवार की अहले सुबह करीब तीन बजे उसे पारस अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी. पारस अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद उसके साथ आए लोग शव को अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए।
पूर्वी पटना के पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने बताया कि मृतक की पहचान मोहम्मद हैदर के रूप में हुई है. वह एक कुख्यात अपराधी था और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसे पूर्व में हत्या के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और कुछ माह पूर्व ही वह जमानत पर बाहर आया था।
ऐसे हुई थी पूरी वारदात:
पुलिस के अनुसार मनीचक गांव में जिस युवक का अपहरण किया गया था, उसे अपराधियों ने OLX पर मोबाइल खरीदने-बेचने के बहाने बुलाया था. युवक के वहां पहुंचते ही आधा दर्जन अपराधियों ने उसे घेर लिया और बंधक बना लिया. इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई तथा पैसे छीनने का प्रयास किया गया. युवक के विरोध करने पर अपराधियों ने उसकी हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी।
इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि कुछ अपराधी एक युवक को बंधक बनाकर उसकी हत्या की तैयारी कर रहे हैं. सूचना मिलते ही मसौढ़ी थाना के अतिरिक्त थानाध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची. पुलिस की गाड़ियों को देखते ही अपराधियों ने भागने के बजाय ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
अचानक हुई गोलीबारी में अतिरिक्त थानाध्यक्ष राहुल कुमार के पैर में गोली लग गई, जबकि एएसआई संजय कुमार के हाथ को छूते हुए गोली निकल गई. पुलिसकर्मियों के घायल होने के बावजूद टीम ने मोर्चा संभाले रखा और जवाबी कार्रवाई की. इसी दौरान अपराधी मोहम्मद हैदर गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके अन्य साथी अंधेरे और ग्रामीण रास्तों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने घटनास्थल से अपहृत युवक को सकुशल मुक्त करा लिया. घायल पुलिस अधिकारियों को तत्काल पटना एम्स भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. वहीं हैदर को उसके साथी अपने साथ लेकर भाग निकले और पूरी रात विभिन्न अस्पतालों में इलाज की तलाश करते रहे. आखिरकार शनिवार की सुबह उसकी मौत हो गई।
एसपी परिचय कुमार ने बताया कि अपहरण, पुलिस पर हमला और अवैध हथियारों के इस्तेमाल समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए मसौढ़ी, पुनपुन और आसपास के इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस का दावा है कि इस वारदात में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
