पटना, जया कुमारी : भारत विभाजन की त्रासदी को याद करने के लिए शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। अधिवेशन भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने विभाजन के दौरान जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की और 2 मिनट का मौन रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विभाजन मानवता की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक था। लाखों लोगों को घर-बार छोड़ना पड़ा और अपूरणीय पीड़ा झेलनी पड़ी।उन्होंने कहा कि इस दिन को याद रखना केवल अतीत को याद करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को इतिहास की सच्चाई से अवगत कराना है।
सीएम ने कहा विभाजन से हमें सबसे बड़ी सीख मिली कि इतिहास बदला नहीं जा सकता, लेकिन उससे शिक्षा जरूर ली जा सकती है। राष्ट्र को सर्वोपरि रखना आवश्यक है। राष्ट्र रहेगा, तभी हम सब रहेंगे। राष्ट्र प्रथम की भावना सर्वोपरि होनी चाहिए।
उन्होंने सरदार पटेल, महात्मा गांधी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और डॉ. राजेंद्र प्रसाद के योगदान को याद किया। कहा कि सामाजिक एकता और परस्पर विश्वास को मजबूत कर हमें ऐसी परिस्थितियों से बचना है।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने अधिवेशन भवन से विधानसभा परिसर स्थित पीपल वृक्ष उपवन तक कैंडल मार्च का नेतृत्व किया। इस दौरान भारत विभाजन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।
कार्यक्रम में विधायक संजीव चौरसिया, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे।
