पटना, अजीत। कुमुदिनी शिशु विद्या मंदिर, अनीसाबाद द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन शिविर 2026 के अंतिम दिन विद्यार्थियों को बिहार संग्रहालय का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया. इस भ्रमण का उद्देश्य बच्चों को बिहार के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराना था।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने संग्रहालय में प्रदर्शित प्राचीन मूर्तियों, ऐतिहासिक दस्तावेजों, पुरातात्विक अवशेषों, लोक कला तथा बिहार की सांस्कृतिक धरोहरों का अवलोकन किया. संग्रहालय में उपलब्ध आधुनिक तकनीकों और इंटरैक्टिव गैलरियों ने बच्चों को इतिहास को रोचक और जीवंत तरीके से समझने का अवसर प्रदान किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या सुश्री अंकिता कुमारी ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से भी सीखने का अवसर मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण बच्चों के ज्ञान, जिज्ञासा और रचनात्मक सोच को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय की निदेशिका सुश्री उषा कुमारी ने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है. उन्होंने बताया कि ग्रीष्मकालीन शिविर के दौरान बच्चों को मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञानवर्धक और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी अनेक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिला।
बिहार संग्रहालय भ्रमण के बाद विद्यालय परिसर में आयोजित समापन समारोह में शिविर में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को समर कैंप पूर्णता प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया. प्रमाण-पत्र प्राप्त कर बच्चों के चेहरे खुशी और उत्साह से खिल उठे. इस दौरान विद्यार्थियों ने शिविर के अनुभव साझा किए और विभिन्न गतिविधियों से मिली सीख के बारे में बताया।
एक जून से प्रारंभ हुए इस ग्रीष्मकालीन शिविर में विद्यार्थियों ने विज्ञान, गणित, कला एवं शिल्प, योग, खेलकूद, व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक गतिविधियों तथा शैक्षणिक भ्रमण जैसी अनेक गतिविधियों में भाग लेकर अपने ज्ञान और कौशल का विकास किया। कार्यक्रम में शिक्षिकाएं निक्की सिंह, स्मृति कुमारी, रिया तथा विद्यालय की समन्वयक रीता जी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे. सभी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विरासत के महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी के संकल्प के साथ हुआ।
