बिहार

मिट गई दूरियां, राज्यसभा चुनाव बनी मजबूरियां..

फुलवारीशरीफ, अजीत। बिहार की राजनीति में इन दिनों नए-नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं. लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक दूरियां कम होती दिखाई दे रही हैं. इसका ताजा नजारा पटना में ए आई एम आई एम की ओर से आयोजित दावत-ए-इफ्तार में देखने को मिला, जहां राजद नेता एवं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पहुंचे और रोजेदारों के साथ इफ्तार में शामिल हुए. तेजस्वी यादव का नेताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने और राज्यसभा में जाने के राजनीतिक हलचल के बीच अचानक ए आई एम आई एम के दावत इफ्तार में राजद नेता तेजस्वी प्रसाद के शामिल होना बिहार की राजनीति में आगामी चुनाव में बड़ा असर दिखा सकती है .राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को राज्यसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि ए आई एम आई एम काफी समय से राजद के साथ राजनीतिक तालमेल चाहती थी, लेकिन पहले के चुनावों में राजद ने उसे ज्यादा तवज्जो नहीं दी. इस बार राज्यसभा चुनाव को लेकर बदलते राजनीतिक हालात के बीच दोनों दलों के बीच नजदीकियां बढ़ती दिख रही हैं.

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दावत-ए-इफ्तार में ए आई एम आई एम के प्रदेश अध्यक्ष सह अमौर विधायक अख्तरुल इमान साहब की अगुवाई में कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस मौके पर आईपी गुप्ता, पूर्व विधायक समीम साहब, पूर्व विधायक इसराइल मंसूरी, एमएलसी कारी सोहब साहब, कोचाधामन विधायक सरवर आलम, बहादुरगंज विधानसभा विधायक तौसीफ आलम साहब, वैसी विधायक गुलाम सरवर साहब, जोकीहाट विधानसभा विधायक मोहम्मद मुर्शीद आलम साहब भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में ए आई एम आई एम प्रवक्ता एडवोकेट आदिल हसन, जनरल सेक्रेटरी इंजीनियर आफताब आलम साहब, ए आई एम आई एम बिहार प्रदेश सचिव फारूक रज़ा उर्फ डब्लू साहब, मोहम्मद शमीमुल हक उर्फ चांद पटना जिला अध्यक्ष, मोहम्मद सोनू कन्वनर सामाजिक कार्यकर्ता मीडिया प्रभारी, बिहार प्रदेश सचिव राणा रणजीत सिंह, मोहम्मद जीशान मीडिया प्रभारी, ताजुद्दीन पटना प्रभारी, मोहम्मद गयासुद्दीन ख़ादिम मजलिस सामाजिक कार्यकर्ता, मोहम्मद बिलाल सामाजिक कार्यकर्ता और तौफीक आलम साहब सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

दावत-ए-इफ्तार में बड़ी संख्या में रोजेदार, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए. सभी ने मिलकर इफ्तार किया और देश-प्रदेश में अमन, भाईचारे और तरक्की की दुआ मांगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर इस मुलाकात के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं और आने वाले समय में बिहार की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।

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