अररिया, रंजीत ठाकुर। नरपतगंज प्रखंड के सीमावर्ती सीमासड़क जहां सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रमुख सड़क माना जाता है वहीं विभागीय अधिकारी के अनदेखी के कारण सड़क जर्जर एवं गढ्ढे नुमा हो गया है। जिससे वाहन चालकों को काफी कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है। प्रत्येक दिन छोटी-छोटी सड़क दुर्घटना होती रहती है वहीं सड़क जर्जर होने से वाहन भी क्षतिग्रस्त होता रहता है। खासकर दो चक्का वाहन बाइक चालकों को चलाने में काफी कठिनाई होती है। सड़क पर गड्ढे के कारण छोटी-छोटी दुर्घटना होती रहती है। नरपतगंज क्षेत्र के बेला बसमतिया से गुजरकर बबुआन से घूरना , मानिकपुर , फुलकाहा होते हुए सोनापुर के कोचगामा गांव तक सड़क जजर्र हो गया है जबकि यह सीमा सड़क का लगभग सभी जगहों पर इसी प्रकार का दृश्य बना हुआ है। सूत्रों की माने तो कई स्थानों पर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण भी नहीं किया गया है।
सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ:
सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 2012 में प्रारंभ किया गया था जिसकी लंबाई लगभग 85 किलोमीटर बताया जा रहा है।
कार्यपालक अभियंता रजनीश कुमार आर सी डी:
सड़क निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता रजनीश कुमार ने बताया कि जर्जर सड़क का एस्टीमेट बनाकर विभाग को भेजे हुए हैं। जून माह तक उम्मीद जताया जा रहा है कि नया टेंडर होगा और कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
नरपतगंज विधायक देवंती यादव:
नरपतगंज विधायक देवंती यादव ने बताया कि सड़क का निर्माण कार्य 2012 में प्रारंभ हुआ था जो जर्जर हो चुका है। जानकारी मिली है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क निर्माण मंत्री के पास रखेंगे और जल्द से जल्द मरम्मत कार्य करवाया जाएगा।
