अररिया, रंजीत ठाकुर : जिले में पांच साल तक के बच्चों को डायरिया से बचाने के लिये स्टॉप डायरिया कैंपेन मंगलवार से शुरू हुआ। 14 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान के क्रम में आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर पांच साल तक के बच्चे वाले परिवारों के बीच ओआरएस व जिंक की दवा का वितरण करेंगी। इस क्रम में लोगों को डायरिया से बचाव व स्वच्छता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करेंगी। ताकि डायरिया की वजह से जिले में होने वाले बच्चों की मौत को प्रभावी तौर पर रोका जा सके। अभियान के क्रम में जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किये गये। इस क्रम में पांच साल तक के बच्चों के बीच दवा वितरण के साथ-साथ अभिभावकों को इसके प्रयोग व डायरिया से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा दी गयी।
करीब 06 लाख बच्चों के बीच दवा वितरण का लक्ष्य
जानकारी देते हुए जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी सह अभियान के नोडल अधिकारी डॉ मोईज ने बताया कि डायरिया पांच साल तक के बच्चों के मौत की प्रमुख वजहों में से एक है। यह एक ऐसी बीमारी है। जिसकी सही समय पर पहचान व उपचार के जरिये पूरी तरह से रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि अभियान के क्रम में जिले में पांच साल तक के 05 लाख 91 हजार 356 बच्चों के बीच ओआरएस व जिंक की दवा वितरित की जायेगी। इस क्रम में 06 लाख 96 हजार 604 पैकेट ओआरएस, व 74 लाख 51 हजार 89 जंक टेबलेट वितरित किये जाने की जानकारी उन्होंने दी।
समुदाय को डायरिया से बचाव के प्रति किया जायेगा जागरूक
सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने कहा कि दवा वितरण के साथ-साथ समुदाय को डायरिया से बचाव के लिये जागरूक करना अभियान का उद्देश्य है। दवा वितरण के क्रम में आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर खाना खाने से पूर्व, शौच के बाद हाथ धोने, सुरक्षित पेयजल के उपयोग, व्यक्तिगत स्वच्छता का महत्व से संबंधित जरूरी जानकारी साझा करते हुए उन्हें इसके प्रति जागरूक करेंगी। निर्धारित आयु वर्ग के शत प्रतिशत बच्चों के बीच दवा वितरण सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से प्रखंडवार पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध कराया गया है। विभिन्न स्तरों पर दवा वितरण की निगरानी व अनुश्रवण का इंतजाम किये जाने की जानकारी उन्होंने दी।
