बिहार

सुशासन बाबू के राज में विद्यालय व्यवस्था की खुल रही पोल

सुपौल(बलराम कुमार): मामला सुपौल जिला के त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय मुख्यालय अंतर्गत प्रखंड क्षेत्र में जांच करने आए वरीय उप समाहर्ता के द्वारा अनियमिता पाने की है। विद्यालय में खास तौर पे देखा जा रहा है की कुछ विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ बकरी भी पढ़ाई करते नजर आ रहे हैं। लगता है की एक समय था जब बकरी चरवाहा विद्यालय हुआ करता था। जो आज देखने से यही लग रहा है की वही समय फिर दुबारा आ गया है। बहुत सारे विद्यालय में दीवार का घेराव नहीं है जिस कारण आए दिन विद्यालय में चोरी तो होती हीं है। साथ-साथ विद्यालय को अतिक्रमण भी कर लेते हैं।

कुछ विद्यालय में देखा जा रहा है की जिस कमरा में विद्यार्थी पढ़ते हैं उसमें नाहीं तो दरवाजा लगा हुआ है। नाहीं खिड़की, नाहीं मेन गेट पर दरवाजा लगा हुआ है। एक तरफ सरकार शिक्षा के नाम पर करोड़ों अरबों रुपए खर्च करती है। लेकिन धरातल पर कुछ और हीं नजर आ रहा है। वहीं जाँच करने आए वरीय उप समाहर्ता, अभिषेक रंजन, ने बताया की जिला पदाधिकारी के आदेशानुसार जाँच की जा रही है। जो भी अनियमितता पाई गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी को देख रेख करने के लिए पत्र जारी किया जाएगा। ताकि जल्द से जल्द विद्यालय की सफाई के साथ विधि व्यवस्था ठीक करे। वहीं विद्यालय में अतिक्रमण के बारे में प्रधानाध्यापक से पूछा गया तो उन्होंने गोल मटोल कर बात को घुमाते नजर आए।

Advertisements
Ad 1

वहीं कुछ जानकर लोगों का कहना है की एक हीं जिला के एक हीं प्रखंड के एक हीं पंचायत के शिक्षक रहने के कारण विद्यालय की ऐसी स्थिति बनी हुई है। क्योंकि लोकल शिक्षक रहने के कारण किसी पर किसी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। सरकार को चाहिए की शिक्षक लोगों को एक जिला से दूसरे जिला के विद्यालयों में भेजा जाय। ताकि शिक्षा व्यवस्था ठीक तरीके से चल सके। अब देखना लाजमी होगा की सुशासन बाबू की सरकार में शिक्षा व्यवस्था कब तक ठीक हो पाती है। या फिर ऐसे हीं शिक्षा के नाम करोडों अरबों रुपए खर्च होने के बावजूद भी ऐसी स्थिति बनी रहेगी। या फिर शिक्षा के नाम पर सिर्फ हवा में बात होती रहेगी।

Related posts

जनता के द्वार सरकार, जन सहभागिता ही योजनाओं की सफलता का आधार-विजय कुमार चौधरी उपमुख्यमंत्री

पटना में यातायात व्यवस्था का औचक निरीक्षण, हड़ताली मोड़ पर एसपी ट्रैफिक ने संभाली कमान

शेखपुरा डीएम-एसपी ने ‘सासा कलेक्शन’ का औचक निरीक्षण किया, 100 मजदूरों को PF से जोड़ने का निर्देश

error: