शेखपुरा, उमेश कुमार : जिला प्रशासन की पहल पर अब ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिकों के बच्चे भी शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। बुधवार को ‘जिला हब फॉर विमेन’ की टीम ने जिले के 3 प्रखंडों के ईंट-भट्ठों पर चल रहे ‘अक्षर लर्निंग सेंटर’ के 125 बच्चों को स्कूल किट बांटकर उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।
कहां-कहां बंटी किट:
- शेखपुरा प्रखंड: पैन पंचायत का ईंट-भट्ठा
- शेखोपुरसराय प्रखंड: वेलाव पंचायत का ईंट-भट्ठा
- बरबीघा प्रखंड: सामसखुर्द पंचायत का ईंट-भट्ठा
किट में क्या मिला: ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत बच्चों को स्कूल बैग, पानी बोतल, कॉपी, स्लेट, किताबें, ड्राइंग बुक, पेंसिल बॉक्स और क्रेयॉन रंग दिए गए। किट पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।
महिलाओं के लिए चला जागरूकता अभियान
टीम ने ईंट-भट्ठों पर काम करने वाली महिलाओं और किशोरियों के साथ बैठक की। इसमें 3 मुद्दों पर फोकस रहा:
- स्वास्थ्य: माहवारी के दौरान साफ-सफाई का महत्व बताया गया। कहा गया कि स्वच्छता न रखने से बीमारी का खतरा बढ़ता है।
- शिक्षा: महिलाओं से अपील की गई कि बेटों के साथ बेटियों को भी रोज स्कूल भेजें। शिक्षा से ही वे आत्मनिर्भर बनेंगी।
- योजनाएं: केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और बताया गया कि पात्रता के हिसाब से लाभ कैसे लें।
“शिक्षा ही आत्मनिर्भर बनाएगी”
जिला मिशन समन्वयक पंकज कुमार वर्मा ने कहा, “शिक्षा ही इकलौता माध्यम है जिससे बच्चे अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं। एक शिक्षित बच्चा पूरे परिवार और समाज का भविष्य बदलता है। जब तक माताएं-बहनें स्वास्थ्य और अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होंगी, समाज आगे नहीं बढ़ेगा। सभी माता-पिता बच्चों को रोज केंद्र पर पढ़ने भेजें।”
डीएम के मार्गदर्शन में पहल:
जिला पदाधिकारी के निर्देश पर महादलित और वंचित परिवारों के बच्चों-महिलाओं को स्वास्थ्य, अधिकार और शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। लक्ष्य है कि सुदूर ग्रामीण इलाकों तक विकास की अलख पहुंचे।
कार्यक्रम में हब कर्मी, शिक्षक और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
