बिहार

बिहार में महिलाओं और बच्चियों के साथ हो रहे बलात्कार और हत्या के मामले से ध्यान भटकाने के लिए ही नीतीश कुमार ने राबड़ी देवी जी के लिए अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया : एजाज अहमद

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि बिहार में सरकार और प्रशासन के स्तर से महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा नहीं जा रही है ।और जिस तरह से बिहार में अत्याचार, वयभिचार और बलात्कार की घटनाओं के बाद छोटी बच्चियों की हत्या की जा रही है ,यह बताने के लिए काफी है की बिहार में सरकार का इकबाल समाप्त हो गया है। नीतीश कुमार इन मुद्दों से ध्यान भटकने के लिए श्रीमती राबड़ी देवी जी के संबंध में अब शब्दों का इस्तेमाल किया जो कहीं से उचित नहीं है।

इन्होंने आगे कहा कि बिहार में शासन – प्रशासन पूरी तरह से लुंज -पुंज हो गया है। और सरकार के स्तर से अपराध अपराधियों को संरक्षित करने वाले पल बढ़ रहे हैं. इन्होंने आगे कहा कि विधान परिषद में जब नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती राबड़ी देवी जी ने महिला सुरक्षा और बच्चियों के साथ हो रहे घटनाओं पर जब सवाल पूछा तो उसका सरकार के स्तर से जवाब देने की जगह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने जिस तरह की अमर्यादित ,अभद्र और अपशब्दों वाली भाषा का इस्तेमाल किया उससे स्पष्ट हो जाता है की सरकार में बैठे हुए लोग महिलाओं की सुरक्षा करना तो दूर महिलाओं के मान -मर्यादा का भी ख्याल नहीं करते हैं। जब शीर्ष पद पर बैठे हुए नेता और मुख्यमंत्री के द्वारा इस तरह की भाषा इस्तेमाल की जाएगी तो राज्य में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा कैसे हो पाएगी यह बात समझ से परे है।

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एजाज ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस तरह की असंसदीय, अमर्यादित और महिलाओं के लिए जिस तरह की भाषा इस्तेमाल की है, ये कहीं से उचित नहीं है। जब बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री श्रीमती राबड़ी देवी जी के संबंध में उन्होंने जिस तरह की भाषा इस्तेमाल की है तो उससे ही समझा जा सकता है की बिहार में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सरकार कितनी गंभीर है। इन्होंने अविलंब इस तरह की अमर्यादित भाषा के लिए नीतीश कुमार से माफी की मांग की है । साथ ही भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के नेताओं से पूछा है की अब उनकी मर्यादा कहां गई जब महिला के नाम पर घड़ियाली आंसू और बिहार बंद करा रहे थे, वह आज महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षा तो नहीं ही दे पा रहे हैं ,और जब उनके सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सवाल विपक्ष के द्वारा उठाए जाते हैं, तो उसके जगह जिस अमर्यादित और अभद्र भाषा इस्तेमाल किया गया है।

इस पर भाजपा और अन्य एनडीए के घटक दलों के नेता खामोश क्यों हैं, क्या उन्हें अब महिलाओं के सम्मान ,गरिमा और महिलाओं की सुरक्षा का ख्याल नहीं आ रहा है। महिलाओं के नाम पर जिस तरह से एनडीए के लोग राजनीति करते रहे हैं और घड़ियाली आंसू बहाते रहे हैं, अब स्पष्ट रूप से ये बात सामने आ गया कि बिहार में किस तरह से महिला विरोधी सोच वाली सरकार चल रही है। इन्होंने कहा कि चाहे नीट की छात्रा का मामला हो, खगड़िया में छोटी बच्ची के साथ हुए बलात्कार की घटना और हत्या का मामला हो,मधेपुरा में विधवा महिला के साथ हुए बलात्कार और हत्या का मामला हो, या कल दरभंगा में 6 साल की बच्ची के साथ हुए बलात्कार और हत्या का मामला हो सरकार के लोग इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं और कहीं ना कहीं मुख्यमंत्री अभद्र भाषा का इस्तेमाल करके मुद्दे को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं, यह कहीं से उचित नहीं है।

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