महीने पूर्व पिचिंग सड़क आदमी बैठने का बना घोसला

समस्तीपुर(रमेश शंकर झा): सरकार चाहे जितनी भी कानून बना ले, लेकिन कमीशन खोरी व ठेकेदार की मनमर्जी के सामने सभी कानून फीकी पड़ जाती है। जिसका जीता जागता उदाहरण समस्तीपुर जिले के खानपुर प्रखंड क्षेत्र के सड़कों की है जहां विकास तो हुआ है, कई नई सड़कें भी बनी है, लोगों के घर तक पानी भी पहुंचा है, बिजली भी पहुंची है, लेकिन कार्य सुचारू रूप से गुणवत्ता पूर्ण हो रहा है या नहीं इसे देखने के लिए नही कोई अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण करते हैं और ना ही जेई के द्वारा योजना पर ध्यान दिया जाता है। आखिर ध्यान क्यों देंगे.? इनका कमीशन जो इनके पास पहुंच जाता है। जिसका खामियाजा है कि आज आम जनता के बीच यह सवाल खल रहा है कि इंजीनियर व पदाधिकारी की नियुक्ति क्यों होती है.? क्यों योजनाओं पर पानी की तरह पैसे की बर्बादी की जाती है.? क्यों 25 लाख से होने वाले कार्य का एस्टीमेट करोड़ों में होता है.? यह सभी मुद्दे आज आम लोगों के बीच आग की तरह खल रहा है। क्या अब बिहार में सिर्फ कमीशन खोरी के लिए योजना बनाई जाती है। जिसका खामियाजा आज आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। यही कारण है कि खानपुर प्रखंड क्षेत्र के हसनपुर पंचायत वार्ड संख्या 5 से गुजरने वाली मृत बागमती नदी के बांध पर बनी सड़क जो वर्षों पूर्व कई जगह पर टूट चुका था जिसपर पुनः पिचिंग निर्माण के नाम पर लाखों रुपए की योजना बनाकर पिचिंग कराया गया। जहां 6 महीने में ही सड़क की गिट्टी उरने लगी है, वहीं सड़क के नीचे से मानो किसी के द्वारा मिट्टी निकाल कर पुल का निर्माण किया गया हो।वहीं ग्रामीण पिंटू सिंह, विनीत सिंह, कृष्णनंदन राम, नरेश सिंह,नित्यानंद सिंह,रघुनाथ राम,हरे राम सिंह,मदन सहनी आदि लोगों ने बताया कि करीब 89 लाख की लागत से करुआ होते हुए हसनपुर तक पिचिंग कराया गया था। जो लगभग 6 महीने में ही बांध पर कई जगह सड़क के नीचे से मिट्टी निकल चुका है, सड़क की गिट्टी उड़ने लगी है. रात्रि के समय सड़क से गुजरने वाले लोग सड़क में बने गड्ढे में गिर कर जख्मी हो रहे हैं। वहीं ग्रामीणों के द्वारा भारी-भरकम वाहनों पर भी रोक लगा दी गई है ताकि किसी भी बड़ी घटना को होने से रोका जा सके। लेकिन प्रशासन मौन बनी हुई है।