वैश्विक महामारी के इस चुनौतीपूर्ण दौर में हमें अपने व्यवहार में बदलाव की है जरूरत

 वैश्विक महामारी के इस चुनौतीपूर्ण दौर में हमें अपने व्यवहार में बदलाव की है जरूरत
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  • भ्रामक जानकारियों से रहें दूर, विशेषज्ञ चिकित्सकों के सलाह पर करें अमल
  • खांसी-बुखार जैसी साधारण बीमारी को नजरअंदाज करने की जगह, जांच कराना जरूरी

अररिया(रंजीत ठाकुर): कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से आज हर कोई जूझ रहा है. बूढ़े-बच्चे व युवा अब इस संक्रमण की चपेट में आने लगे हैं. इस मुश्किल दौर में हमें सुरक्षित रहते हुए अपने काम को अंजाम देना है. साथ ही साथ ही अपने परिवार के लोगों को भी सुरक्षित रखना है. निश्चित रूप से इसके लिये हमें अपने व्यवहार में मामूली बदलाव की जरूरत है. इसके लिये सबसे ज्यादा जरूरी है कि हम कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये जरूरी उपायों पर शतप्रतिशत अमल करें. मास्क पहनने का हमारा तरीका सही होना चाहिये. आपसी मेलजोल के वक्त कम से कम दो गज की दूरी का ध्यान रखें. बार-बार अपने हाथों की सफाई साबुन या सेनिटाइजर की मदद से करते रहें. जो संक्रमण से बचाव के लिये निहायत जरूरी उपायों में शामिल हैं.

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  • भ्रामक जानकारियों से रहें दूर :

महामारी के इस दौर में व्हाट्स एप, फेसबुक, ट्वीटर सहित विभिनन सोशल साइट के माध्यमों से कोरोना को लेकर भ्रामक जानकारियां परोसी जा रही है. सबसे पहले हमें इन गलत जानकारियों से खुद का बचाव करना होगा. सिविल सर्जन अररिया डॉ एमपी गुप्ता मुताबिक गलत जानकारियां संक्रमण से बचाव की जगह हमें गंभीर मुसीबतों में डाल सकता है. इसलिये यह जरूरी है कि रोग संबंधी किसी भी तरह का लक्षण दिखने पर तुरंत आप अपने चिकित्सक से संपर्क करें. इसके अलावा केंद्र व राज्य सरकार के विश्वस्त माध्यमों पर उपलब्ध जानकारियों पर भी मुश्किल वक्त में अमल किया जा सकता है.

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  • खांसी, बुखार को नजर अंदाज करने से बचे :

इस समय खांसी व बुखार को सामान्य नहीं माना जाना चाहिये. परिवार में अगर किसी को भी खांसी, बुखार, गले में खराश, सांस लेने मे तकलीफ, सिरदर्द, डायरिया आदि की शिकायत हो तो सबसे पहले संबंधित व्यक्ति का जांच कराना जरूरी है. सिविल सर्जन ने कहा ऐसे व्यक्ति को अलग कमरे में कर देना जरूरी है. जांच रिपोर्ट आने तक व्यक्ति को अलग कमरे में रहने दें. रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुरूप इलाज शुरू करायें. रोगी व्यक्ति के शरीर का तापमान व ऑक्सीजन के स्तर की लगातार जांच करते रहें. बीमार व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करने के लिये प्रेरित व प्रोत्साहित किया जाना चाहिये. ताकि शरीर में पानी की कोई कमी न हो.

  • संक्रमण से बचाव के लिये वैक्सीनेशन है जरूरी :

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये टीकाकरण महत्वपूर्ण है. प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लें व अपने आसपास 18 साल से अधिक उम्र के तमाम लोगों को ऐसा करने के लिये प्रेरित करें. सिविल सर्जन ने कहा टीका से शरीर में रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता का विकास होता है. जो कोरोना सहित अन्य कई तरह के बीमारी से बचाव के लिहाज से फायदेमंद है. इसलिये लोगों को प्राथमिकता के आधार पर अपना वैक्सीनेशन कराना जरूरी है.

  • आपात परिस्थितयों से कैसे निपटें :

सिविल सर्जन के मुताबिक संक्रमण की चपेट में आने के बाद रोगी के शरीर का तापमान व ऑक्सीजन के स्तर पर समुचित नजर बनाये रखना जरूरी है. ऑक्सीजन का स्तर अगर 93 प्रतिशत से कम है. तो अपने चिकित्सक से अविलंब संपर्क करें. इस स्थिति में किसी तरह के घरेलू उपाय से परहेज करना चाहिये. चिकित्सक से संपर्क नहीं होने की स्थिति में जिला स्तर पर संचालित चिकित्सकीय परामर्श सह नियंत्रण कक्ष के संपर्क संख्या 18003456617, राष्ट्रीय हेल्प लाईन नंबर 1075 व स्वास्थ्य विभाग से संबंद्ध अग्रणी संस्था पिरामल फाउंडेशन द्वारा जारी हेल्पलाईन नंबर 781595375 पर सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक संपर्क किया जा सकता है।

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News Crime 24 Desk

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