एम्स में दो दिनों कें अंदर कोरोना से 23 लोगों की मौत, 66 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज हुए एडमिट

फुलवारीशरीफ(अजित यादव): पटना एम्स में दो दिनों कें अंदर पटना, कटिहार, गया, मध्यप्रदेश, सिवान, वैशाली,रांची, जमुई, सारण, समेत 23 लोगों की मौत कोरोना से हो गयी जबकि 66 नए कोरोना पॉजिटिव मरीजो को एडमिट किया गया है। इनमे सबसे ज्यादा पटना के पॉजिटिव मरीज हैं । मृतकों में चीफ पोस्टमास्टर जनरल अनिल कुमार व एक डॉक्टर समेत 23 मरीज शामिल हैं. एम्स कोरोना नोडल आफिसर डॉ संजीव कुमार के मुताबिक पटना एम्स मे बोरिंग रोड के 82 वर्षीय मजाहिर हसन, पटना के 57 वर्षीय अनिल कुमार, बेली रोड के 59 वर्षीय चाणक्य कुमार सिंह, शास्त्रीनगर के 32 वर्षीय रंजीत कुमार सिंह, बांकीपुर के 63 वर्षीय भुषण कुमार, बोरिंग कैनाल रोड के 66 वर्षीय डा0 कृष्णा कुमार, राजापुर के 70 वर्षीय अमलेश कुमार सिंह, नालंदा के 47 वर्षीय मनोरंजन कुमार, फुलवारीशरीफ कि 54 वर्षीय शकिला खातुन, खलीलपुरा के 62 वर्षीय जमशेद अख्तर, लोहानिपुर कि 57 वर्षीय मंजु देवी, गर्दनीबाग के 92 वर्षीय विदानंद पाण्डेय,यारपुर कि 53 वर्षीय उषा किरण, पीरबहोर के 72 वर्षीय डा0 हुसैन अहमद, खगौल के 45 वर्षीय संजीव कुमार, भोजपुर कि 75 वर्षीय सरोजनी सिंहा,  राजीव नगर कि 52 वर्षीय संगीता कुमार सिंह, जानीपुर के 72 वर्षीय विदेश्वर राय, सारण के 68 वर्षीय विनोद कुमार सिंह, पटना कि 71 वर्षीय माया सिंहा, भोजपुर के 56 वर्षीय प्रकाश मिश्रा, मुजफरपुर के 56 वर्षीय विनोद कुमार रजक जबकि कंकडबाग कि 81 वर्षीय कांति शर्मा कि मौत कोरोना से हो गयी है । वहीं  एम्स के आइसोलेशन वार्ड में 66 नये कोरोना पॉजिटिव मरीजो को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है जिसमे पटना के सबसे ज्यादा 56 लोगो समेत भोजपुर, कटिहार,बेगुसराय,  मध्य प्रदेश, वैशाली, झारखंड,  जमुई,  सारण,  के मरीज शामिल हैं । पटना एम्स में बिहार के चीफ पोस्टमास्टर जनरल अनिल कुमार का भी कोरोना से निधन हो गया. वो पटना एम्स में भर्ती थी. संक्रमित होने के बाद उन्हें पटना एम्स में भर्ती कराया गया था. जहां पर उनकी हालत खराब होता देख डॉक्टरों ने वेंटिलेटर पर रखा था. लेकिन अनिल कुमार भी कोरोना से जंग हार गए. बिहार सर्किल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल थे अनिल कुमार. इनके निधन से डाक विभाग में शोक की लहर दौड़ गयी.
इसके अलावा एम्स में 43 लोगों ने कोरोना को मात दे दिया जिन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।  वहीं दो दिनों कें अंदर आइसोलेशन वार्ड में एडमिट कुल 664 मरीजों का इलाज चल रहा था।