बिहार

गुरुदेव श्री प्रेम का पर्यावरण संदेश और राजनीतिक विमर्श बना चर्चा का विषय

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फुलवारीशरीफ, अजित। 10 लाख पेड़ लगाने और 1400 चिट्ठियाँ सरकार को भेजकर सामाजिक चेतना जगाने वाले गुरुदेव श्री प्रेम इन दिनों बिहार में सुर्खियों में हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण से लेकर राजनीतिक सुधार तक की बातों से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

गुरुदेव श्री प्रेम ने अब तक 10 लाख से अधिक पेड़ लगाकर पर्यावरण सेवा में अद्वितीय योगदान दिया है. वहीं, उन्होंने 1400 से ज्यादा चिट्ठियाँ राज्य और केंद्र सरकार को लिखकर विभिन्न सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का काम किया है. यही नहीं, अब वे बिहार की राजनीति में बदलाव की संभावनाओं को लेकर भी सक्रिय नजर आ रहे हैं।

“क्या बिहार को बदलने आए हैं इसीलिए उन्होंने भारतीय लोकहित पार्टी का गठन किया है ?” राज्य के सामाजिक ढांचे, युवाओं की बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और पर्यावरण संकट जैसे विषयों पर बेबाक राय रखते हुए उनका मानना है कि अगर नीति और नीयत दोनों साफ हो, तो बिहार देश का सबसे अग्रणी राज्य बन सकता है।

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गुरुदेव श्री प्रेम को लोग ‘पर्यावरण प्रेमी संत’ के रूप में जानते हैं. उन्होंने न सिर्फ पेड़ लगाए हैं, बल्कि अपने खर्च पर लोगों को पौधे वितरित कर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने का काम किया है.उन्होंने इशारा दिया कि यदि जनता का साथ मिला, तो वे बिहार की राजनीति में सक्रिय भूमिका भी निभा सकते हैं।

बताते हैं कि कई वर्षों पहले जब देश के मिसाइल मैन और पूर्व राष्ट्रपति रहे एपीजे अब्दुल कलाम साहब का बिहार दौरा हुआ था तब वह श्री प्रेम गुरुदेव के प्रेम लोक मिशन स्कूल संपतचक बैरिया में भी गए थे और गुरुदेव को पर्यावरण के प्रति अपनी उनकी रुचि के लिए उनका आभार जताया था और उन्हें हौसला दिया था कि आप जैसे लोग अगर और हो जाए तो हमारा देश में पानी और बहुत सारी चीजों की कमी नहीं होगी.पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए।

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