मीटर रीडरों की नॉकरी पे संकट, क्या होगा इनका ?

 मीटर रीडरों की नॉकरी पे संकट, क्या होगा इनका ?

पटना(न्यूज़ क्राइम 24): बिहार पटना में प्रीपेड मीटर से बिजली बिभाग को फायदा और मीटर रीडरों की नॉकरी पे संकट, आखिर हजारों की तादाद में मीटर रीडरों की शंख्या है, पूरे बिहार में बिजली के उपभोगताओं के घर घर जाकर उन्हें शमय पे बिजली बिल देना, चाहे धूप हो या वारिस लेकिन बिजली बिभाग के मीटर रीडर सभी उपभोगताओं के घरों पे पहुँच कर शमय पे बिजली बिल मोहहिया करबाते है, आज उन्ही की नॉकरी पे संकट के बादल घिर गये है, जी है मैं आपको बता दु की पूरे बिहार में जो बिजली बिभाग के लिये सुबह से शाम तक उपभोक्ताओं के यहाँ समय पे बिनली बिल देती हो आज उन्ही मीटर रीडरों के सर पे बिजली बिभाग ने प्रीपेड मीटर की तलबार लटका दिया है, जिससे कि मीटर रीडरों में डर से घुस चुका है, अपने काम के प्रति की नॉकरी भगवान भरोसे ही है

जहाँ नीतीश कुमार जी का सात निश्चय योजना उनमें से एक निश्चय हर घर बिजली पहुचाना बिजली भी काफी हद तक घरों तक ग्रामीण इलाकों तक पहुँच चुकी है, और उसी बिजली कम्पनी जो कि अपने आपको लॉस मेकिंग कम्पनी बतलाती है, उनके रेवेन्यू को चार गुना करने में इन्ही बिहार के मीटर रीडरों का बहोत बड़ा योगदान रहा है, और आज प्रीपेड मीटर लगने से इनके नॉकरी पे संकट के बादल मंडराने लगे है, क्या बिजली बिभाग इनके लिये कोई वैकल्पिक व्यवस्था करेगी या फिर इन्हें भी अपनी रोजी रोटी से हाथ धोना पड़ेगा, क्या सरकार नॉकरी को बढ़ाने के बजाये बेरोजगारी को बढ़ाबा देने में लगी है, बिहार का बेरोजगारी दर बढ़ता ही जा रहा है,प्रीपेड मीटर से आम लोग तो परेशान है । क्यु की कही ना कहीं लोगो को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है अन्य राज्यो के मुकाबले बिहार में बिजली की दरें बहुत ज्यादा है, जिससे कि कल कारखानों में कमियां आई है जिससे कि लोगो को बाहर अपने राज्य को छोड़ कर जाना पड़ रहा है यही नही बिजली को सुचारू ढंग से चलने में एक और का बहुत बड़ा भूमिका है जिसे बिजली कम्पनी मानव बल के नाम से जानती है,सीधी सी बात है, सरकार तथा बिहार स्टेट पॉवर होल्डिंग कम्पनी को इसपर पुनः बिचार करना चाहिए कि उपभोगता तथा मीटर रीडरों को आर्थिक संकट से ना गुजरना पड़े ।

न्यूज़ क्राइम 24 संवाददाता

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