पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को नई गति देने के उद्देश्य से एम्स पटना में 18 मार्च बुधवार को संस्थान के सभागार में उद्यमिता सम्मेलन 2026 का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर “एम्स पटना इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन काउंसिल” (APIIC) नामक एक नए मेडटेक इन्क्यूबेटर की औपचारिक शुरुआत भी की जाएगी। यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में नए विचारों को प्रोत्साहित करने और स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कार्यक्रम का उद्घाटन दिलीप जायसवाल, उद्योग मंत्री, बिहार करेंगे। वहीं बिंदे कुमार, निदेशक, इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। यह इन्क्यूबेटर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की “नवाचारों के विकास और उपयोग के लिये राष्ट्रीय पहल” (NIDHI) के अंतर्गत इंक्लूसिव टेक्नोलॉजी बिजनेस इंक्यूबेटर (iTBI) के रूप में स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे नवाचारियों और स्टार्टअप्स को सीड फंडिंग, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, क्लिनिकल वैलिडेशन, रेगुलेटरी सलाह और निवेशकों तथा राष्ट्रीय फंडिंग एजेंसियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। यह पहल देश के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को भी मजबूती देगी। इसके जरिए स्वदेशी चिकित्सा तकनीकों के विकास को बढ़ावा मिलेगा और भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम की एक खास झलक पहले ‘इग्नीशन अनुदानकर्ता’ समूह का स्वागत और ऑनबोर्डिंग होगी। इसके साथ ही सरकार, शिक्षा जगत और उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों के साथ स्टार्टअप फंडिंग, नीति सहयोग और हेल्थकेयर इनोवेशन के नियामक पहलुओं पर महत्वपूर्ण पैनल चर्चा भी आयोजित की जाएगी। इस कॉन्क्लेव में डॉक्टर, शोधकर्ता, नवाचारी, उद्यमी, स्टार्टअप्स और छात्र बड़ी संख्या में शामिल होंगे। यह आयोजन विचारों के आदान-प्रदान, सहयोग और नए अवसरों का एक सशक्त मंच बनेगा। इस पहल के माध्यम से एम्स पटना का लक्ष्य स्वास्थ्य क्षेत्र में नए समाधान विकसित करना और सस्ती, प्रभावी व स्वदेशी चिकित्सा तकनीकों को बढ़ावा देना है ताकि देश के लाखों मरीजों को बेहतर और सुलभ उपचार मिल सके।
