अररिया, रंजीत ठाकुर : नरपतगंज प्रखंड मुख्यालय समेत सीमावर्ती क्षेत्र के फुलकाहा थाना, घुरना थाना एवं बसमतिया थाना क्षेत्र में सोमवार को दुर्गा मंदिर के पुजारी के नेतृत्व में गाजे बाजे के साथ एवं विधि विधान से बेल तोड़ने का रस्म अदा किया तथा माता का पट खोला गया। इससे पूर्व षष्ठी पूजा के दिन इसी तरह गाजे-बाजे के साथ बेल के वृक्ष को न्योता दिया गया। फुलकाहा स्थित वैष्णवी दुर्गा मंदिर के पुजारी मनोज झा एवं घुरना सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के पुजारी हीरा झा ने बताया कि बेल के जोड़ीदार तने वाले वृक्ष को षष्ठी पूजा के दिन न्योता दिया जाता है, फिर इसी वृक्ष के बेल को सप्तमी पूजा के दिन वृक्ष से तोड़कर भगवती की पूजा की जाती है। इस रस्म अदायगी के बाद ऐसा माना जाता है कि दसों द्वार खुल जाते हैं।
इस कार्यक्रम को लेकर सुबह से हीं मंदिर कमेटी एवं पुजारी के द्वारा तैयारी की गई थी। क्षेत्र से बड़ी संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालु को जुटाया गया था। फुलकाहा दुर्गा मंदिर के पुजारी मनोज झा एवं घुरना दुर्गा मंदिर के पुजारी हीरा झा ने बताया कि यूं तो दुर्गा माता के सभी रूपों की पूजा मनोवांछित फल प्राप्ति करने वाला होता है किंतु कालरात्रि की पूजा अधिकतर तांत्रिक लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। कुछ साधक सप्तमी की रात शमशान में भी तांत्रिक विधि से पूजा करते हैं।
भगवती की इस रूप की पूजा के बाद भक्तों के लिए सभी बंद दरवाजे खुल जाते हैं ऐसा माना जाता है। बेल तोड़ने के रस्म अदायगी के दौरान श्यामदेव यादव, शिवजी प्रसाद साहा, उमा प्रसाद साहा, श्रवण दास, महेश गुप्ता, ब्रजकिशोर राम,पूर्व,उमा प्रसाद साहा, खगेन्द्र यादव,रणविजय ठाकुर,मनीष ठाकुर,राकेश साह, राजा शर्मा, संजय सिंह,मनोज यादव,बजरंग गुप्ता,सोनू साह, पिंटू यादव, गणेश गुप्ता, बिनोद ठाकुर, सतेंद्र गुप्ता, कमल गुप्ता, जितेंद्र शर्मा आदि के अलावे नए पूजा समिति अध्यक्ष सुजित साहा मुख्य रूप से मौजूद थे।
