बिहार

टीबी मरीजों की स्थिति व जरूरत के अनुरूप उपलब्ध होगी उपचार सेवाएं

अररिया, रंजीत ठाकुर टीबी दुनिया भर के देशों के लिये स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौती बनी हुई है. हालांकि टीबी का इलाज संभव है. लेकिन इसके निदान व उपचार संबंधी चुनौतियां आज भी बरकरार है. लिहाजा स्वास्थ्य विभाग टीबी मरीजों के उपचार संबंधी एक नई पहल पर अमल कर रहा है. जो रोगियों को एक ही तरह की चिकित्सा सुविधा देने के बजाय उनकी स्थिति, बीमारी की गंभीरता व व्यक्तिगत जरूरतों का ध्यान में मरीजों को अलग-अलग तरीके से देखभाल प्रदान करने पर आधारित है. इस विभेदित टीबी देखभाल सेवाओं को प्रभावी व उपयोगी बनाने को लेकर जिले में जरूरी कवायद की जा रही है.

टीबी मरीजों को अलग-अलग देखभाल होती है जरूरत
जिला यक्ष्मा रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ वाईपी सिंह ने बताया कि विभिन्न प्रकार के टीबी रोगियों को अलग-अलग देखभाल सेवाओं की जरूरत होती है. जैसे एमडीआर यानी मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट टीबी के मरीजों को लंबी अवधि तक इलजा की जरूरत होती है. जो साधारण टीबी की तुलना में अधिक जटिल होता है. इसी तरह टीबी व एचआईवी संक्रमित मरीजों को अलग अलग उपचार व देखभाल की जरूरत होती है. गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग व बच्चों जैसे संवेदनशील समूह के टीबी मरीजों को विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है. ताकि उनकी सुरक्षा व स्वास्थ्य को प्राथमिकता दिया जा सके.

जरूरत के हिसाब से सेवा होगी उपलब्ध

Advertisements
Ad 1


जिला टीबी व एड्स समन्वयक दामोदर शर्मा ने बताया कि विभेदित टीबी देखभाल सेवा के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर हाल ही में कर्मियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है. इसमें मरीजों का अलग अलग समूह बनाकर जरूरी चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने, अस्पताल आने से असमर्थ मरीजों को घर पर नियमित निगरानी व दवा सेवन सुनिश्चित कराने, विभिन्न सामाजिक संगठनों की मदद से समुदाय को रोग के खतरों के प्रति जागरूक करने, टेलीमेडिसिन व मोबाइल एप्स की मदद से मरीजों को उनकी दवाओं की निगरानी व समय पर जरूरी सुझाव दिये जाने की पहल शामिल है.

रोग उन्मूलन के प्रयासें को मिलेगी मजबूती


सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि विभेदित टीबी देखभाल सेवा का उद्देश्य यह सुनिश्चित कराना है कि मरीजों को उनके उपचार की प्रक्रिया में अधिक सहायता मिले व उन्हें बार-बार अस्पताल आने की मजबूरी से निजात मिल सके. इससे टीबी संबंधी मामलों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा. जो रोग उन्मूलन संबंधी प्रयासों की मजबूती के लिये जरूरी है.

Related posts

भदौर थाना का एसपी ग्रामीण ने किया निरीक्षण, लंबित कांडों की समीक्षा

राहुल गांधी का संसद के मकर द्वार पर पिकनिक मनाना सदन और संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन : गुरु प्रकाश

बेगूसराय जिले में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री

error: