फुलवारीशरीफ(अजित यादव): फुलवारीशरीफ प्रखंड के कुरथौल पंचायत के पूर्व मुखिया एवं राष्ट्रीय जनता दल के कद्दावर नेता धर्मदेव राय उर्फ मिर्चाई गोप का हत्यारा राम लखन सिपाही उर्फ ब्रजेश राय को बेउर थाना अध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी अमित कुमार एवम इंस्पेक्टर मनीष कुमार की टीम ने समस्तीपुर से साढ़े 10 वर्षों के बाद इस हत्याकांड में गिरफ्तार कर लिया । पुलिस ने इसके साथ प्रशिक्षु डीएसपी अमित कुमार ने बताया कि ब्रजेश उर्फ रामलखन सिपाही की गिरफ्तारी के साथ ही इसके भाई सतीश राय को सितारा 70 फिट स्थित बिशुनपुर पकड़ी स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया है सतीश राय का इस हत्याकांड में वारंट जारी था। इस हत्याकांड के अन्य अभियुक्त फिलहाल जमानत पर है। सिपाही रामलखन उर्फ ब्रजेश ने अपने लाइसेंसी हथियार से पूर्व मुखिया धर्मदेव राय के कंधे और कनपटी में दो गोली मार हत्या कर दिया था। हैरान करने वाली बात है कि वर्ष 2015 में रामलखन सिपाही ने अपने हथियार का लाइसेंस भी रिन्युअल कराया है। इस बारे में प्रशिक्षु डीएसपी अमित कुमार ने कहा कि इसकी भी जांच कराई जाएगी कि फरार हत्यारोपी ब्रजेश उर्फ रामलखन का हथियार का लाइसेंस कैसे रिन्युअल हो गया.
बताया जाता है कि धर्मदेव राय 23 जनवरी 2011 की शाम 4:30 बजे बिशुनपुर पकड़ी , 70 फीट रोड स्थित राधाकृष्ण मंदिर के पीछे एक जमीन के प्लॉट पर चहारदीवारी के लिए ट्रैक्टर से ईंट अनलोड करवा रहे थे इसी दौरान घात लगाएं लक्ष्मी राय के बेटे सिपाही राम लखन उर्फ ब्रजेश राय , राजकुमार राय , सतीश राय एवम इसी गांव निवासी सुरेंद्र राय पिता मोती राय ने पूर्व मुखिया धरमदेव् राय उर्फ मिरचाई गोप को गोलियों से छलनी कर दिया था । दो गोली लगने से बुरी तरह जख्मी हालत में पूर्व मुखिया को पटना के राजेश्वरी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने दम तोड़ दिया था। पूर्व मुखिया धर्मदेव राय के बेटे उपेंद्र कुमार यादव एवम अन्य परिवार वाले बेउर थाना अध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी अमित कुमार एवम इंस्पेक्टर मनीष कुमार की टीम को साढ़े 10 साल से फरार चल रहे हत्यारोपी राम लखन सिपाही उर्फ ब्रजेश को गिरफ्तार करने के लिए आभार जताया है। पूर्व मुखिया के परिजनों ने कहा कि अब उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है।वही राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ताओं में भी मिरचाई गोप हत्याकांड में नामजदों को कड़ी सजा मिलने की उम्मीद बढ़ी है। पूर्व मुखिया के पुत्र उपेंद्र ने बताया कि विभागीय लापरवाही के चलते पूर्व मुखिया धर्मदेव राय राय की हत्या में लक्ष्मी राय बेटे राजकुमार , सतीश राय नालन्दा के दीप नगर जेल में पदस्थापित सिपाही राम लखन उर्फ ब्रजेश एवं इसी गांव निवासी सुरेंद्र राय को नामजद कराया गया था। इसमे सिपाही राम लखन के अलावा अन्य सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था लेकिन विभागीय लापवाही और मिलिभगत से रामलखन सिपाही उर्फ ब्रजेश की इतने लंबे समय तक गिरफ्तारी नही हो पा रही थी। इतना ही नही हत्याकाण्ड में नामजद अभियुक्त होने के बावजूद नालन्दा के दीपनगर जेल में सिपाही रामलखन ने ड्यूटी पर जाकर हाजिरी तक बनाई थी। इसके अलावा साढ़े दस वर्षों के लंबे अंतराल के बावजूद उसके खिलाफ कोई विभागीय करवाई तक नही शुरू हुआ है जो गंभीर मामला है।
बेउर के प्रशिक्षु डीएसपी अमित कुमार ने बताया कि गिरफ्तार हत्यारोपियों रामलखन सिपाही और उसके भाई सतीश को जेल भेज दिया गया.
बता दें कि बेउर थाना क्षेत्र के सिपारा 70 फीट बिशुनपुर पकड़ी निवासी कुरथौल पंचायत के निवर्तमान मुखिया धर्मदेव राय उर्फ मिर्चाई गोप राधा कृष्ण मंदिर के पीछे एक जमीन के प्लॉट पर चहारदीवारी कराने के लिए ईंट उतरवा रहे थे उसी दौरान ईसी गांव निवासी लक्ष्मी राय के बेटे अपना दावा जता रहे थे। इसी विवाद में 23 जनवरी 2011 की शाम पूर्व मुखिया धर्मदेव राय की हत्या कर दी गयी थी। इस हत्याकांड के बाद घंटो आगजनी सड़क जाम और बवाल भी हुआ था।
