बिहार

किसानों के हित के लिए बने स्टेट बोरिंग बना है शोभा की वस्तु

अररिया(रंजीत ठाकुर): जिले के नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत अँचरा पंचायत वार्ड संख्या 05 में कई वर्षों पूर्व से बना स्टेट बोरिंग शोभा का बस्तु बनके रह गया है, जबकि बोरिंग के आसपास हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि है। स्टेट बोरिंग रहते हुए किसान अपने खेत में लगे फसलों का पटवन पम्पसेट से करवाने को मजबूर हैं. इसी कड़ी में आज किसानों का गुस्सा विभागीय पदाधिकारियों के प्रति फुट पड़ा और विरोध करते हुए मीडिया के सामने अपनी समस्या रखा। विरोध करते मौके पर उपस्थित किसानों में बादल राजभर, आनंद राजभर, कैलाश राजभर, हीरा राजभर, संजीत राजभर, बीरबल राजभर, पप्पू राजभर, अर्जुन राजभर, सोनू मंडल, आदि दर्जनों लोगों ने बताया कि स्टेट बोरिंग को बने लगभग 40 वर्ष हो चुके हैं। लेकिन हम किसानों को इसका लाभ कभी नहीं मिला है। हम किसानों के द्वारा विभागीय लोगों को बार-बार शिकायत करने के बाद कभी-कभी आकर बोरिंग में लगे मशीन को जांच कर समान खराब होने की बात कह कर चले जाते है। हम लोग अपने खेत में बढ़ते डीजल के दामों के बावजूद पंपसेट से पटवन करने पर मजबूर हैं जिससे हम लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है पटवन करने में हम लोगों को लागत भी ज्यादा लगाना पड़ता है इसको सुनने व देखने वाला कोई नहीं है.

क्या कहते हैं बोरिंग संचालक भुटकुन दास:-
इस बाबत श्रीदास ने बताया कि मुझे इसमें संचालक के तौर पर रखा गया है यह बोरिंग बराबर खराब रहता है अंदर का समान जला हुआ है।इसी वजह से बोरिंग बंद रहता है। सूचना विभाग के पदाधिकारियों को दे चुके हैं।

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क्या कहते हैं कार्यपालक अभियंता, रविंद्र कुमार साह:-
इस बाबत कार्यपालक अभियंता ने बताया कि मुझे जानकारी मिला है, बोरिंग खराब है। चार रोज पूर्व जांच किए थे,एक सप्ताह के अंदर बोरिंग चालू हो जाएगा।

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