बिहार

मतदाता गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम जन व लोकतंत्र विरोधी, चुनाव आयोग अभियान पर अविलंब रोक लगाये – उदय प्रताप सिंह

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) चुनाव आयोग द्वारा मतदाता गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम जनपक्षीय या जन विरोधी विषय पर एक कन्वेंशन का आयोजन अजय भवन लंगरटोली में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की पटना जिला परिषद की ओर से आयोजित किया गया। कन्वेंशन की अध्यक्षता पार्टी के पटना जिला सचिव विश्वजीत कुमार ने किया। कन्वेंशन की शुरुआत पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व पार्षद मोहन प्रसाद के द्वारा चुनाव आयोग के फैसलों की रिपोर्टिंग एवं उसके प्रभाव पर दिए वक्तव्य से शुरू हुआ।

कन्वेंशन को संबोधित करते हुए पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता उदय प्रताप सिंह ने कहा कि यह पुनरीक्षण कार्यक्रम संविधान व लोकतंत्र विरोधी है और यह दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अति पिछड़ों, अल्पसंख्यकों व महिलाओं को वोट के अधिकार से वंचित करने का आह्वान है। चुनाव आयोग अविलंब इस अभियान पर रोक लगये अन्यथा इसके खिलाफ सभी दलों को सड़कों पर उतरना चाहिए। कन्वेंशन को संबोधित करते हुए एटक के बिहार राज्य अध्यक्ष गजनफर नवाब ने कहा कि यह अभियान केंद्र सरकार के सीएए- एनआरसी कार्यक्रम बैक डोर से लागू करना है। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता आफताब अहमद ने कहा कि यह गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम ने आम लोगों में भय पैदा कर दिया है अचानक सभी लोग परेशान हो गए हैं।

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महिला नेत्री अधिवक्ता शगुफ्ता रसीद ने कहा कि जो सरकार 14 वर्षों में जनगणना नहीं करा पाई, अभी तक वोटर लिस्ट सही नहीं कर पाई वह 3 महीने में सभी मतदाताओं की पुनः सूची कैसे तैयार कर सकती है? नगर निगम कर्मचारियों के महासचिव मंगल पासवान ने कहा कि यह कार्यक्रम मजदूर व गरीबों को वोट के अधिकार से वंचित करने का कार्यक्रम है जिसका पुरजोर विरोध होना चाहिए। किसान नेता उदयन राय ने कहा कि यह धनपतियों की सरकार की नोटबंदी, बाजार बंदी, अधिकार बंदी के बाद यह वोट बंदी का कार्यक्रम लेकर आई है। सिटीजंस फॉरम के जयप्रकाश जी ने कहा कि यह अभियान पूरे बिहार को अस्त व्यस्त करने, लोगों को उलझाने और सत्ता पक्ष को पुनः गद्दी दिलवाने का अभियान है।

कन्वेंशन में आए सुझावों के आधार पर कन्वेंशन से निम्न प्रस्ताव पारित हुए:-

  • कन्वेंशन ने मतदाता गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को जन विरोधी एवं लोकतंत्र विरोधी करार करते हुए, चुनाव आयोग से अविलंब रोक लगाने की मांग की।
    -कन्वेंशन ने प्रस्ताव पारित कर सभी राजनीतिक दलों से इसका पुरजोर विरोध करने का आह्वान किया गया।
  • कन्वेंशन ने 9 जुलाई को इस मांग को लेकर बिहार बंद को सफल बनाने का आह्वान किया।
    कन्वेंशन को उपरोक्त नेताओं के अलावा बिजली मजदूर नेता डीपी यादव, प्रलेस के नेता राजकुमार शाही, मोहम्मद कैसर, रामजी यादव ने भी संबोधित किया और कन्वेंशन में अनीश अंकुर, साथ नेता रूपेश, प्रिंसराज, अरविंद कुमार, राजकुमार मेहता, पुनीत किशोर, अनिल रजक सहित दर्जनों साथी उपस्थित रहे।

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