अररिया(रंजीत ठाकुर): शिक्षा, शिक्षक,युवा विरोधी बिहार की महागठबंधन सरकार द्वारा सीटीईटी एसटीईटी पास छात्रों और नियोजित शिक्षकों को बीपीएससी द्वारा परीक्षा आयोजित कर बहाली करने और राज्य कर्मी का दर्जा देने का निर्णय शिक्षक पात्रता पास छात्र युवाओं और शिक्षकों के साथ ना सिर्फ छलावा है बल्कि उनके मनोबलपर बड़ा ब्रजपात है। उक्त बातें भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार ने राज्य सरकार द्वारा जारी शिक्षक भर्ती नियमावली 2023 पर रोष व्यक्त करते हुए कही। प्रदेश उपाध्यक्ष श्री कुमार ने सवालिए लहजे में कहा कि इतना इंतज़ार करवाने के बाद ये कैसी बहाली ?
आखिर कबतक परीक्षा पर परीक्षा देता रहेगा बिहार का युवा? कहा कि 1 लाख से अधिक प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों और 4 लाख नियोजित शिक्षकों को भी अब नये संवर्ग वाला शिक्षक बनने के लिए बीपीएससी परीक्षा देनी पड़ेगी यह नई नियमावली पात्रता सिद्ध कर चुके युवाओं के भविष्य पर ना सिर्फ कुठाराघात है बल्कि पहली कैबिनट में 10 लाख नोकरिया देने के घोषणा करने वाले बिहार सरकार के मुख्य और उप चुप मंत्री की विश्वासघाती गठबंधन सरकार द्वारा बजट में राशि प्रवाधान किये बगैर बीपीएससी के माध्यम से एक नये संवर्ग में शिक्षकों की बहाली की घोषणा लाखों शिक्षित युवाओं को धोखा देने का काम किया है।
उन्होंने कहा की सरकार सबसे पहले एसटीईटी सीटीईटी के सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दे जो पिछले चार साल से नोकरी पाने का इंतजार कर रहें है। प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि नई नियमावली लागू होने से एक विद्यालय में एक ही पाठ्यक्रम के लिए दो तरह के शिक्षक होंगे।एक बीपीएससी पास सरकारी टीचर दूसरा नियोजित शिक्षक उन्होंने राज्य सरकार पर स्कूली शिक्षा को विसंगतियों का पिटारा बनाने आरोप लगाते हुए सरकार के निर्णय को असंवेदनशीलऔर बिहार से प्रतिभा पलायन तेज करने वाला करार दिया है।साथ ही उन्होंने अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने हेतु संपूर्ण बिहार मे सरकार के विरुद्ध भाजयूमो द्वारा आंदोलन चलाने की बात कही है।
