तो इस चक्कर मे लारा सेवा संस्थान के मालिक नंदकिशोर उर्फ मुन्ना की हत्या की साजिश रची गई !

फुलवारीशरीफ(अजित यादव): पटना के बेउर थाना क्षेत्र अंतर्गत मैरिज हॉल संचालक राजद नेता लारा सेवा संस्थान के संचालक नंदकिशोर यादव उर्फ मुन्ना जी पर जानलेवा हमला कर हत्या की सुपारी उनके ही जमीन व्यवसाय में पार्टनर रहे परसा बाजार के रहने वाले रंजीत यादव ने दिया था। रंजीत यादव ने 42 लाख रुपए के लेनदन के चक्कर में पेशेवर अपराधियों को हत्या की सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिलवाया था। पटना के सीनियर एसपी मानव जीत सिंह ढिल्लों ने नंदकिशोर उर्फ मुन्ना जी की हत्या की साजिश रचने वाले उनके पार्टनर सह जमीन ब्रोकर परसा बाजार निवासी रंजीत यादव समेत छः कुख्यात अपराधियों को हथियार समेत गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पटना पुलिस की विशेष टीम ने गिरफ्तार अपराधियों के पास से एक पिस्टल तीन कट्टा एक मैगजीन व पाच जिंदा कारतूस व दो मोटरसाइकिल समेत कई मोबाइल भी बरामद किया है। बता दें कि 7 जनवरी को सुबह करीब 08:30 बजे बेऊर मोड़ स्थित निदान हॉस्पिटल के समीप कुछ अज्ञात हथियारबन्द अपराधियों द्वारा साई दरबार मैरेज हॉल बेकर एवं लारा सेवा संस्थान के मालिक नन्दकिशोर यादव के स्विफ्ट डिजायर कार पर अंधाधुंध गोलीबारी की गयी, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गये.

पटना के सीनियर एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया है कि राजद नेता और लारा सेवा संस्थान के संचालक नंदकिशोर यादव उर्फ मुन्ना जी जमीन का व्यवसाय भी करते थे। जमीन व्यवसाय में उनका पार्टनर सह ब्रोकर परसा बाजार निवासी रणजीत यादव का 42 लाख रुपए बकाया था । रंजीत यादव ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम को बताया है कि 42 लाख रुपया एक बीघा जमीन के एवज में दिया गया था ।नंदकिशोर यादव उसका रुपए नहीं लौटा रहे थे और न ही जमीन के हिसाब किताब ही कर रहे थे। इसी बात से नाराज होकर रंजीत ने नंदकशोर उर्फ मुन्ना जी की हत्या की सुपारी पेशेवर अपराधियों को दिया रणजीत ने सबसे पहले चंदन चौधरी से संपर्क किया। चंदन चौधरी बेउर जेल में अपने बंदी के दौरान रहे साथियों दो सहोदर भाई अमन और अतुल से संपर्क कर इस वारदात को अंजाम देने के लिए अपराधियों की एक टीम बनाई। एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि घटना के तुरंत बाद नगर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी पटना के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. जिसमें सहायक पुलिस अधीक्षक दानापुर, पुलिस उपाधीक्षक (परीवीक्ष्यमान) सह थानाध्यक्ष बेऊर एवं अन्य पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया.

अनुसंधान के क्रम में इन पर जानलेवा हमले के कारणों की अत्यंत सूक्ष्मता से पड़ताल की गई तो पाया गया कि इनकी परसाबाजार थाना क्षेत्रान्तर्गत कुछ जमीन था, जिसमें एक ब्रोकर कुछ ज्यादा ही जुड़ा हुआ था. इस सूचना पर तत्काल उस ब्रोकर के संबंध में जानकारी हासिल की गई साथ ही तकनीकि एवं वैज्ञानिक अनुसंधान भी जारी था. इसी क्रम में गोपनीय सूचना मिली कि एक पेशेवर अपराधी आनन्द चौधरी को हाल ही में बेठर क्षेत्र में आते-जाते देखा गया है और उसकी गतिविधियाँ सिपारा क्षेत्रों में रह रही है. तत्काल टीम द्वारा सूचनानुसार क्षेत्र की घेराबन्दी की गई और संदिग्ध हुलिये के 05 अपराधियों को सिपारा पुल के पास से पकड़ा गया.तलाशी के क्रम में इनके पास से 04 देशी पिस्टल एवं 06 जिन्दा कारतूस बरामद हुआ.

इन्होंने अपना नाम क्रमश: 1. आनन्द चौधरी 2. बिट्टू पासवान 3. अतुल 4. अमन एवं 5. दीपक चौधरी उर्फ चन्दन कुमार बताया. पूछ-ताछ के क्रम में इन्होंने खुलासा किया कि पकड़ाया बिटू पासवान, मच्छरदानी •व्यवसायी हत्याकाण्ड थाना- जक्कनपुर में अमन, स्वर्ण व्यवसायी अपहरण सह हत्याकाण्ड थाना-दानापुर में एवं आनन्द चौधरी, सिक्का लूट प्रकरण नौबतपुर सहित कई जघन्य काण्डों में संलिप्त रहे है व जेल गये हैं. बेऊर में हुये इस गोली-बारी काण्ड में भी इन्होंने अपनी संलिप्तता स्वीकार की. चन्दन चौधरी ने बताया कि रंजीत उर्फ मास्टर जो कि जमीन का ब्रोकर है, उसके साथ जख्मी नन्दकिशोर यादव का जमीन के क्रय-विक्रय के संबंध में मन-मुटाव चल रहा था.

आनन्द चौधरी को नन्दकिशोर यादव को ठिकाने लगाने का सुपाड़ी दिया गया था. जिस पर आनन्द चौधरी ने बिट्टू पासवान व दो अन्य शुटरों अमन व अतुल को लेकर घटना को अंजाम दिया. इसके एवज में आनन्द चौधरी को अब तक चन्दन से पौने दो लाख रूपये सुपाड़ी के मिल चुके है. इस खुलासे पर तत्काल रंजीत उर्फ मास्टर को भी परसाबाजार थानाक्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. घटना में प्रयुक्त दोनों बाईक घटना में पहने पोशाक एवं इस्तेमाल किये गये हथियार भी बरामद किये गये है. इनके अन्य अपराधिक इतिहासों को भी खँगाला जा रहा है एवं अंजाम दिये गये अन्य घटनाओं के संबंध में भी गहन पूछ-ताछ जारी है।