टीकाकरण अधिक होने से कोरोना से मुक्त होने के कगार पर पहुंचा सिकटी प्रखंड

  • प्रखंडवासियों में टीकाकरण के प्रति उत्साह के आगे फिकी पड़ी संक्रमण की दूसरी लहर
  • प्रखंड के कौआकोह पंचायत की 73 फीसदी आबादी टीकाकृत, लेटी व भुलानी गांव का प्रदर्शन भी बेहतर
  • 30 हजार से अधिक लोगों का अब तक हुआ टीकाकरण, 5861 ने लिया है टीका का पहला डोज

अररिया(रंजीत ठाकुर): कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बावजूद जिले के कुछ एक प्रखंडों में इसका असर कम देखा गया। इसमें सिकटी प्रखंड का नाम खासतौर पर उल्लेखनीय है। जहां स्वास्थ्य कर्मियों के अथक प्रयास, विभाग द्वारा संचालित जागरूकता संबंधी अभियान व आम लोगों से प्राप्त सहयोग के कारण संक्रमण की दूसरी लहर ज्यादा प्रभाव दिखाने में नाकाम रहा। वहीं प्रखंड के कौआकोह पंचायत के ग्रामीणों में टीकाकरण के प्रति व्याप्त उत्साह के आगे संक्रमण की दूसरी लहर फीकी साबित हुई। पंचायत की अधिकांश आबादी कोरोना का टीका ले चुकी है। लिहाजा संक्रमण की दूसरी लहर से कौआकोह पंचायत बहुत हद तक महफूज रहा। इक्का-दुक्का लोग अगर बीमार भी हुए तो वे जल्द स्वस्थ हो गये। दूसरी लहर में प्रखंड के कुल 210 लोग संक्रमित हुए। तीन को छोड़ बाकी स्वस्थ हो चुके हैं। इसके लिये क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों के टीकाकरण को जिम्मेदार माना जा रहा है। प्रखंड क्षेत्र में अब तक 30178 लोगों का टीकाकरण संपन्न हो चुका है। इसमें 24317 लोगों को टीका का पहला व 5861 लोगों को टीका का दूसरा डोज लगाया जा चुका है। टीकाकरण अधिक होने से सिकटी प्रखंड कोरोना संक्रमण से मुक्त होने की कगार पर जा पहुंचा है।

कोरोना मुक्त होने की राह पर है सिकटी प्रखंड :

सिकटी पीएचसी प्रभारी डॉ वीरेंद्र पंडित बताते हैं कि जब देश-दुनिया में दूसरी लहर की चर्चाएं चल रही थी। हम तभी से सचते व सतर्क थे। क्षेत्र में लोगों को बचाव संबंधी उपायों के प्रति जागरूक करते हुए हमने अपना पूरा ध्यान अधिक से अधिक लोगों के टीकाकरण पर लगाया। होम आइसोलेशन में संक्रमितों को बेहतर चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध करायी गयी। इससे वे बहुत जल्द स्वस्थ होते गये। लिहाजा सिकटी प्रखंड अब संक्रमण से मुक्त होने के कगार पर जा पहुंचा है। पीएचसी प्रभारी ने कहा कि वैश्विक महामारी के दौर में प्रखंडवासियों का जिम्मेदार रवैया बेहद सराहनीय रहा है। अपने स्तर से उन्होंने संभावित खतरों के प्रति सतर्कता दिखाई। लोगों ने बचाव संबंधी उपायों को अपनाते हुए टीकाकरण के महत्व को समझा। इतना ही नहीं जनप्रतिनिधियों का सहयोग, धर्म गुरुओं का योगदान भी इस दिशा में बेहद कारगर साबित हुआ। खासकर प्रखंड के कौआकोह पंचायत के लोग अब तक बेहद उत्साहित रहे हैं।

कौआकोह पंचायत की 73 फीसदी आबादी टीकाकृत :

प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक संदीप कुमार ने बताया कोरोना टीकाकरण के मामले में प्रखंड के कौआकोह पंचायत का प्रदर्शन अव्वल है। पंचायत की 73 फीसदी आबादी कोरोना का टीका ले चुकी है। उन्होंने बताया कि कौआकोह पंचायत की कुल आबादी 12500 है। इसमें 45 साल से अधिक उम्र के 5625 लोग व 18 साल से अधिक उम्र के 3500 लोगों ने कोरोना टीका का निर्धारित डोज ले लिया है। पंचायत में कुल 9125 लोग कोरोना का टीका ले चुके हैं। बीते 21 जून को संचालित राज्यव्यापी टीकाकरण अभियान के क्रम में कौआकोह मध्य विद्यालय परिसर में संचालित सत्र पर सबसे अधिक 250 लोगों का टीकाकरण हुआ। टीका की अनुपलब्धता के कारण कई लोगों को टीका से वंचित रहना पड़ा।

टीकाकरण के मामले में लेटी व भुलानी गांव का प्रदर्शन भी बेहतर :

बीएचएम संदीप कुमार ने टीकाकरण के मामले में प्रखंड के लेटी व भुलानी गांव के प्रदर्शन को सराहा। उन्होंने कहा कि गांव के लोग पहले टीका लेने से मना कर रहे थे। बाद में ग्रामीणों के साथ बैठक आयेाजित कर उन्हें इसके महत्व से अवगत कराया गया। पिरामल स्वास्थ्य के बीटीएम संजय कुमार झा ने बताया कि टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक करने में भुलानी व मजरख के इमाम मो फारूख का योगदान सहारनीय साबित हुआ। व्यक्तिगत संपर्क के साथ-साथ उन्होंने मसजिद से लाउड स्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया। नतीजा यह रहा कि बड़ी संख्या में ग्रामीणों का टीकाकरण संभव हो सका। फिलहाल टीकाकरण के मामले में सिकटी जिले में दूसरे स्थान पर है।

संक्रमण से बचाव के लिये हमने टीकाकरण को दी प्राथमिकता :

कौआकोह पंचायत के मुखिया प्रवीण कुमार के मुताबिक संक्रमण की दूसरी लहर के आने तक हमारे पास टीकाकरण के रूप में बचाव का महत्वपूर्ण हथियार उपलब्ध हो चुका था। हमने टीकाकरण के महत्व को समझा जनसंपर्क अभियान संचालित कर लोगों को इसके लिये प्रेरित किया गया। लोगों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा। लोग प्राथमिकता के आधार पर अपना टीकाकरण सुनिश्चित कराने की मुहिम में जुट गये। लिहाजा पंचायत की अधिकांश आबादी ने कोरोना का टीका ले लिया है।